जरा हट के

ये है भारत की सबसे महंगी और लक्जरी ट्रेन, सिर्फ किराया सुनकर पीट लेंगे अपना माथा 

भारतीय रेल आज यातायात का अहम साधन बन चुकी है आज बदलते समय के साथ देश में यातायात के अनेक साधन, जैसे- रेल, सड़क, तटवर्ती नौ संचालन, वायु परिवहन इत्यादि शामिल हो गये हैं. देशभर में ट्रेन हैं करोड़ों लोगों के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हमेशा से ही देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में भारतीय रेल की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है.आज भारतीय रेल देशभर में यातायात का मुख्य साधन होने के साथ ही देश के जीवन का भी जरूरी हिस्सा बन चुकी है. देश भर में  रेलगाड़ियों के आवागमन ने जहां एक ओर हमारे देश की कला, इतिहास और साहित्य पर अद्भुत प्रभाव डाला है तो वहीं हमारे देश के विभिन्न प्रांत के लोगों के बीच विविधता में एकता की अहम कड़ी को भी जोड़कर रखा है.

लिकिन इस बीच भारतीय रेलवे ने  भारत की खूबसूरत संस्कृति से पुरी दुनिया को परिचय करानें के लिए लक्जरी गाड़ियों की एक नई शैली प्रदान की है। पैलेस ऑन व्हील्स और स्वर्ण रथ जैसे लग्जरी ट्रेनों ने रेलवे को एक नया रूप प्रदान किया है।इन लग्जरी ट्रेन में यात्रा करना आपका सबसे अच्छा अनुभव हो सकता है। भारत में सबसे पहले 26 जनवरी 1982 को पहली लग्जरी ट्रेन दिल्ली से शुरू की गई थी वो थी पैलेस ऑन व्हील्स। उस समय लग्जरी ट्रेनों में एकमात्र यही ट्रेन थी जो विदेशी सैलानियों को भी बहुत लुभाती थी।

लेकिन 2010 के बाद भारत में 4 और नई लग्जरी ट्रेन शुरू की गईं। उसके बाद इन ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए 5 ऑप्शन और हो गए।महाराजा एक्सप्रेस इंडियन रेलवे कैटरिंग और टूरिज्म कॉरपोरेशन की तरफ से चलाई जाने वाली दुनिया की सबसे लग्जरी ट्रेन है। यह ट्रेन दिल्ली से शुरू होकर उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत भर में 12 से अधिक गंतव्यों तक जाती है। इस ट्रेन में 23 डिब्बे होते हैं जो भारत के महाराजाओं के जीवन जीने के तरीके की झलक दिखाते हैं शाही तरीके से सजा हुआ डायनिंग हॉलए कॉन्‍फ्रेंस हॉलए मनोरंजन क्षेत्र और बिजनेस हॉल ट्रेन को शाही लुक देता है

यदि आप इंडियन रेलवे की मदद से भारत धुमने का प्लान बना रहे हो और आपको सभी सुविधाएं चाहिए तो महाराजा एक्सप्रेस आपके लिए सबसे अच्छा ऑप्शन है, क्योंकि ये केवल ट्रेन नहीं है बल्कि एक चलता-फिरता फाइव-स्टार होटल भी है। तो चलिए जानते है इस ट्रेन की खासियतों के बारे में….

इस महाराजा एक्सप्रेस का किराया डेढ़ लाख रुपए से शुरू होकर 15 लाख रुपए तक का है। इस ट्रेन में धुमने के लिए लोगों के पास पांच तरह के पैकेज मौजूद है। महाराजा ट्रेन उस पैकेज में शामिल स्टेशनों पर रुकती है और उस जगह पर यात्री घूमने-फिरने के बाद वापस तय किए गए वक्त पर ट्रेन में वापिस आ जाते है। इसी तरह घूमते-फिरते लोग फाइव स्टार होटल पर सवार होकर अपना सफर पूरा करते है।

महाराजा ट्रेन मुंबई या दिल्ली से शुरू होकर बीकानेर, आगरा, रणथंबोर, फतेहपुर सीकरी, ग्वालियर, जयपुर, वाराणसी, खजुराहो, लखनऊ, उदयपुर स्टेशनों पर खड़ी रहती है। इस ट्रेन में सफर करने की टिकट का मूल्य 1,93,490 रुपये से शुरू होकर 15,75,830 रुपये तक का है। महाराजा ट्रेन में 23 डिब्बे मौजूद है और इस ट्रेन में एकसाथ 88 यात्री सफर कर सकते है। यात्रियों के सोने के लिए इस ट्रेन में 14 केबिन बनाए गए है। सभी केबिन में डीवीडी प्लेयर, फोन, इलेक्ट्रॉनिक लॉकर, एलसीडी टीवी, इंटरनेट के साथ ही साथ बाथरूम की भी सुविधा मौजूद है।

इंडियन रेलवे की दूसरी ट्रेनों में सफर करनेवाले लोग ऐसा सोच भी नहीं सकते कि अक्सर गंदगी और भीड़ से पहचाननेवाली कोई ट्रेन अंदर से इतनी सुंदर भी हो सकती है। इस ट्रेन को राजशाही से सजाया गया है। महाराजा ट्रेन में आगरा से उदयपुर जानेवाले लोग इस ट्रेन में 7 दिन तक रहेंगे। ये ट्रेन पटरियों पर चलता-फिरता फाइव स्टार होटल है। जहाँ पर लोग अपना मनपसंद का भारतीय या तो कॉन्टिनेंटल खाना खा सकते है।

इस ट्रेन में खाने के लिए एक अलग ही डिब्बा बनाया है। ये डिब्बा देखने में एक रेस्तरां जैसा ही लगता है। सबसे अहम बात ये है कि इस ट्रेन का खाना सबसे अच्छा, खास लजीज और सोने और चांदी के बर्तनों में परोसा जाता है। साल 2015 और 2016 में महाराजा ट्रेन को सेवन स्टॉर लग्जरी अवॉर्ड भी मिला हुआ है। महाराजा ट्रेन की अंतरराष्ट्रीय लेवल पर रॉयल स्कॉटमैंन और इस्टर्न एंड ओरिएंटल एक्सप्रेस ट्रेनों से तुलना होती है।

 

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