Breaking News
Home / ख़बर / क्राइम / इस मासूम ने सुनाई जहन्नुम की दास्तान, बोली- हे भगवान अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो

इस मासूम ने सुनाई जहन्नुम की दास्तान, बोली- हे भगवान अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो

Related image

फरीदाबाद। फरीदाबाद में 9वीं कक्षा की छात्रा का अपहरण कर उसके साथ जबरन शादी रचाने व 20 हजार रुपये बेचने के आरोप में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामले में पुलिस की कार्यशैली पर पीडि़ता के माता-पिता ने सवाल उठाए हैं। मामला एक साल से ज्यादा पुराना है, जब फरवरी 2018 में बादशाह खान चौक से एक 14 वर्षीय लडक़ी अपहरण कर लिया गया और फिर 20 हजार में बेच दिया गया, इस दौरान उसे एक 45 साल के आदमी ने खरीदा और उससे काफी दिनों तक बंधक बना कर रखा और उसके साथ दुष्कर्म भी किया। पीडि़ता के पिता पिछले एक साल से लगातार अपनी बेटी तलाश में जुटे हुए थे, लेकिन लाख कोशिश के बाद भी वो अपनी बेटी को नहीं ढूंढ पा रहे थे।

तकरीबन 4 महीने पहले ही पुलिस ने मामले की जांच की फाइल बंद कर दी। पीडि़ता के पिता पुलिस की जांच रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हो पाए और उन्होंने अपने स्तर पर जांच कर फाइल को दोबारा से खुलवाया और लगातार अपनी बेटी की तलाश करते रहे फरवरी 2019 में उनके पास एक फोन आया और फोन पर उनकी बेटी ने उन्हें अपनी लोकेशन बताई, जिसके बाद पीडि़ता के पिता ने उसे मंगलवार को उस नरक से बाहर निकाला, जहां वो घुट-घुट कर जीने को मजबूर थी। पीडि़ता के पिता ने बताया कि उनकी बेटी ने उनको बताया कि उसको सबसे पहले दिल्ली ले जाया गया, जहां उसका सौदा 20,000 में मुजफ्फरनगर के रहने वाले एक 45 साल के आदमी से कर दिया गया। आरोपी ने उसको शारीरिक और मानसिक रूप से टॉर्चर करते हुए उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया।

पीडि़ता के पिता ने बताया वो खुद होमगार्ड में नौकरी कर रहे हैं और पुलिस ने मामले में शुरू से ही उनकी मदद नहीं की। पीडि़ता की मां ने बताया कि जब वो थाने जाते थे, वहां उनकी मदद करने के बजाए उल्टे उन्हें धमकाया जाता था। बुधवार को पीडि़ता ने अपनी आपबीती बताई। पीडि़ता अभी सिविल अस्पताल में भर्ती है, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिसिया कार्रवाई की बात करें तो कार्रवाई के नाम पर मात्र एक आरोपी की गिरफ्तारी की गई, जबकि 4 अन्य अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

 

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com