प्रेग्नेंसी में सुपरफूड की तरह काम करता है ये फल, बच्चो का होता है तेज दिमाग

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शरीफा पोषक तत्वों का खजाना होता है। खासतौर से अगर इसे प्रेग्नेंसी में खाया जाए तो मां ही नहीं गर्भ में पल रहे शिशु के भी सारे पोषण की जरूर पूरी होती है। हालांकि शरीफा कई गभींर रोगों में भी बहुत फायदेमंद होता है। हाई और लो हाई बीपी, डायबिटीज, ह्रदय रोग के जोखिमों से बचाने के साथ ये इम्युन सिस्टम को भी मजबूत बनाता है, इससे शरीर को रोगों से लड़ने कि अपार शक्ति मिलती है। विटामिन सी और एंटी-ऑक्सीडेंट्स भरपूर होने के कारण ये एलर्जी और कैंसर के जोखिम से भी बचाता है। ये शरीर को मुक्त कणों या फ्री रेडिकल्स से

लड़ने में मदद करता हैं। इसमें बहुत अच्छी मात्रा में पोटैशियम और मैग्नीशियम होता है। शरीफा में विटामिन ए भी होता है जो आंखों के लिए बहुत अच्छा होता है। इतना ही नहीं आपच-गैस आदि में भी इसका सेवन लाभप्रद होता है। इसे किसी भी रूप में खाया जा सकता है। आप चाहें इसका स्मूदी बनाएं या शेक पीएं या साबूत खाएं।

शरीफा में छुपे औषधिय गुणों के खजाने को भी जानें

प्रेग्नेंसी में लाभदायक
प्रेग्नेंसी में शरीफा को रोज की डाइट का हिस्सा बना लें। कम से कम तीन शरीफा रोज खाएं। ऐसा करके न केवल आप अपने बच्चे का तेजी से विकास करेंगी बल्कि इससे शिशु का मस्तिष्क और प्रतिरक्षा प्रणाली प्रभावी ढंग से विकसित होगा। इसे रोज खाने गर्भपात के जोखिम भी कम होते हैं और नार्मल डिलेवरी के दौरान पीड़ा भी कम होती है। ये अंदर से शरीर को मजबूत बनाता है।

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हार्ट अटैक के खतरे करता है कम
शरीफे में मैग्नीशियम और पोटेशियम की मात्रा बहुत होती है और ये हार्ट अटैक के जोखिमों को रोकने में बहुत मददगार होते हैं। रोज यदि इसका सेवन किया जाए तो इससे मांसपेशियों मजबूत होती हैं और दर्द में भी आराम मिलता है। विटामिन बी 6 होमोसिस्टीन संग्रह को रोकता है, जिससे हृदय रोग जैसा जोखिम कम होतें हैं।

इम्युन होता है मजबूत
रोज तीन शरीफा जरूर खाना चाहिए। इसे खाने से इम्युन जनित रोग होने की संभावना नहीं रहती है, वहीं बीमारियों से रिकवर होने में बहुत मदद मिलती है। इसे खाने से इम्युन सिस्टम बहुत मजबूत होता है जिससे शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाती है।

सुस्ती और थकान को करता है दूर

शरीफा खाने से न सिर्फ थकान, सुस्ती और कमजोरी दूर होती है मांसपेशियों में होने वाले दर्द से भी ये आराम दिलाता है।

डायबिटीज और ब्लडप्रेशर नियंत्रित करता है
यह टाइप -2 डायबिटीज के जोखिम को कम करने के साथ शरीफा हाई और लो बीपी में भी फायदेमंद होता है, क्योंकि इसमें पोटैशियम और मैग्नीशियम काफी अच्छी मात्रा में होता है जिससे ये दो बीमारियां कंट्रोल में रहती है। शरीफा को रोज सुबह या दोपहर में खाना ज्यादा श्रेयस्कर होता है। कोशिश करे कि एक साथ दो शरीफा जरूर खाएं।