सेहत

ऑटोवाले के मासूम बेटे को होता था तेज दर्द, जब कराई जांच तो पता चली रूह कंपा देने वाली सच्चाई

आज हम आपको एक ऐसी घटना एक माँ बाप के जुबानी बतायेंगे जो अपने बच्चें के लिए बहुत परेशान थे और अपने बच्चें को बचाने के लिए सारे कर्म कर दिए चलिये जानते है उनकी जुबानी इस पूरी घटना को जब किसी के हालात पूरी तरह से बिगड़ जाते है दोस्तों एक बच्चें को कुछ दिन से बहुत तेज से दर्द होता रहता था पर किसी को कुछ समझ मे नही आ रहा था पर जब बच्चा इस दर्द को सह नही पाया और दिन प्रतिदिन कमजोर होता चला गया और वह इतना कमजोर हो गया कि अब वह बिस्तर से भी उठ नहीं पाया और अब ये दशा थी कि वह बोल भी नही पा रहा था फिर उस बच्चे के माँ बाप ने डॉक्टर को दिखाया तो पता चला कि उस बच्चें को कैंसर था लेकिन उसके माँ बाप के पास उसके ऑपरेशन के लिए कुछ पैसे नही थे अगर हमने पैसे का इंतजाम नहीं किया तो हमारा बेटा मर जायेगा, इस मासूम का नाम जाशीन नाम है। तो चलिये जानते है इस पूरी घटना को।

2 महीने पहले जाशीन के आंखों में जब तक सूजन नही आई तब तक 6 साल का जाशीन हर बच्चों की तरह चुस्त और तन्दरुस्त था और बाकी बच्चों की तरह खुश भी रहता था दोस्तों जाशीन को अपने स्कूल जाकर के अपने दोस्तों के साथ खेलना बहुत अच्छ लगता था उस रात जब जाशीन सोने गया तो रात में उठा तो उसकी आँखों मे सूजन आ चुकी थी और बाई तरफ आंख में बहुत दर्द हो रहा था।

इस कारण वह दर्द से उठ गया फिर उसकी माँ रेशमा पिता चांद उसकी आंख की सूजन देखकर बहुत चौक गए क्योंकि जाशीन की आंखे बहुत ज्यादा सूजी थी वह इतना डर गया कि अपनी माँ या पिता के साथ ही बाथरूम जाता था अकेले जाने की उसकी हिम्मत नही थी क्योंकि जाशीन बहुत कमजोर हो गया था।हम सब लोग जान चुके थे कि जाशीन को कोई गंभीर बीमारी हो गयी है फिर हम उसे बनारस के एक मशहूर डॉक्टर के पास ले गए।

उन्होंने बताया कि अगर आप एक दिन और देर करोगे तो इस बच्चे को नही बचा पाओगे, जाशीन की माँ से डॉक्टर ने कहा कि अपने बच्चें को किसी भी अच्छे अस्पताल में दिखा दे और आखिरी में पता चला कि जाशीन को ब्लड कैंसर है यह सुनकर उनके माता और पिता को एक बड़ा झटका लगा इसके बाद जाशीन को खून चढ़ाने की बारी आई और उस समय चांद बाद ही कमजोर स्थती में रह उसके बहुत रुपये खर्च हो गए थे।

ट्रांसफ्यूजन्स कराने के बाद भी जाशीन के स्वास्थ्य में कोई सुधार नही आया और फिर उसके पिता ने गुड़गांव में एक अस्पताल में दिखाया क्योंकि चांद की हालत पतली थी क्योंकि अब पैसे नही बचे फिर चांद ने अपने गांव में उधार मांगना शुरू किया और अपने बच्चे के लिए सबके आगे हाथ भी फैलाया क्योंकि आप ही बताइए कि 200 रुपए रोज कमाने वाला कैसे इतनी बड़ी रकम लायेगे फिर हर कैंसर ने उस मासूम को बिस्तर पर गिरा दिया है।

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