चंद्रयान-2: सफल लॉन्चिंग पर झूम रहा बॉलीवुड, अक्षय ने दी बेहद खास बधाई

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चंद्रमा पर भारत के दूसरे प्रतिष्ठित एवं चुनौतीपूर्ण मिशन चंद्रयान-2 को साेमवार को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से प्रक्षेपित किया गया। इस मिशन की सफलता के बाद पूरा देश खुशी से झूम गया है। इस गर्व के क्षण पर बॉलीवुड के स‍ितारों ने सोशल मीड‍िया पर बधाइयां देनी शुरू कर दी है।

बॉलीवुड एक्टर व‍िवेक ओबेरॉय ने ट्वीट किया, और हम चले, बधाई हो इसरो चंद्रयान 2 की लॉन्च‍िंग के ल‍िए।. दूसरी बार इत‍िहास रच द‍िया. हम मिशन की सफलता की कामना करते हैं। पूरे देश के लिए बहुत गर्व का क्षण है. जय ह‍िंद।. ब

अक्षय कुमार ने ट्वीट करते हुए ल‍िखा, सैल्यूट करता हूं उस टीम को ज‍िसे अनग‍िनत द‍िनों की मेहनत से ये सफलता मिली. चंद्रयान 2

डायरेक्टर मधुर भंडारकर ने ट्वीट करते हुए ल‍िखा, टीम की शानदार सफलता के लिए बधाई हो इसरो, गर्व है देश को.

चंद्रयान-2 के 48 दिन की यात्रा के विभिन्न पड़ाव

चंद्रयान-2 अंतरिक्ष यान 22 जुलाई से लेकर 13 अगस्त तक पृथ्वी के चारों तरफ चक्कर लगाएगा. इसके बाद 13 अगस्त से 19 अगस्त तक चांद की तरफ जाने वाली लंबी कक्षा में यात्रा करेगा. 19 अगस्त को ही यह चांद की कक्षा में पहुंचेगा। इसके बाद 13 दिन यानी 31 अगस्त तक वह चांद के चारों तरफ चक्कर लगाएगा।. फिर 1 सितंबर को विक्रम लैंडर ऑर्बिटर से अलग हो जाएगा और चांद के दक्षिणी ध्रुव की तरफ यात्रा शुरू करेगा।

5 दिन की यात्रा के बाद 6 सितंबर को विक्रम लैंडर चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करेगा।. लैंडिंग के करीब 4 घंटे बाद रोवर प्रज्ञान लैंडर से निकलकर चांद की सतह पर विभिन्न प्रयोग करने के लिए उतरेगा।

चंद्रयान-2 की खूबियां

चंद्र ान-2 मिशन अबतक के मिशनों से भिन्न है। करीब दस वर्ष के वैज्ञानिक अनुसंधान और अभियान्त्रिकी विकास के कामयाब दौर के बाद भारत के दूसरे चंद्र अभियान से चंद्रमा के दक्षिण ध्रुवीय क्षेत्र के अबतक के अछूते भाग के बारे में जानकारी मिलेगी। इस मिशन से व्यापक भौगौलिक, मौसम सम्बन्धी अध्ययन और चंद्रयान-1 द्वारा खोजे गए खनिजों का विश्लेषण करके चंद्रमा के अस्तित्व में आने और उसके क्रमिक विकास की और ज़्यादा जानकारी मिल पायेगी। चंद्रयान-2 के चंद्रमा पर रहने के दौरान इसरो के वैज्ञानिक चांद की सतह पर अनेक और परीक्षण भी करेंगे। इनमें चांद पर पानी होने की पुष्टि और वहां विशिष्ट किस्म की रासायनिक संरचना वाली नई किस्म के चट्टानों का विश्लेषण शामिल हैं।