आपके हाथ में छुपे है कई गहरे राज, सिर्फ हथेली के दर्शन करने पर मिलते है कई लाभ

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दुनिया का हर इंसान कामयाबी पाना चाहता है लेकिन कुछ लोगों को इसे पाने की लालसा बहुत जल्दी होती है और वे कुछ भी करने के लिए उत्सुक हो जाते हैं. लेकिन अगर वे कुछ भी करने के बजाए सिर्फ वो काम करें जिससे उनको सफलता मिल सकती है तो उन्हें कामयाब होने से कोई नहीं रोक सकता बिल्कुल वैसे ही अगर सुबह उठकर आप अपना चेहरा या मोबाइल देखने के बजाए अपनी हथेलियों को देखते हैं तो आपको इसके बहुत फायदे हो सकते हैं.

जी हाँ, शास्त्रों में कहा गया है की हमारे हाथो के अलग-अलग भागो में कुछ तीर्थ और देवो का निवास स्थान होता है | यदि आप प्रतिदिन इन हथलियों के दर्शन सर्वप्रथम कर लेते है तो इन हथेलियों का दर्शन देव दर्शन के समान होगा | इनके बारे में कुछ दंतकथा भी प्रचलन में है यदि आप सुबह उठकर हथेलियों का दर्शन करे तो आपके मन में सकारात्मक ऊर्जा आती है और जिससे आपके काम करने की इच्छा दोगुनी हो जाती है |
जबकि कुछ लोगों का कहना है की हथेलियों के दर्शन से आपका भाग्य पक्ष मजबूत होता है | जिससे आपको भविष्य में फल मिलने की सम्भावना अधिक हो जाती है | जिससे आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो जाती है | हमारे हाथो में स्वयं परम पिता ब्रह्मा जी और धन की देवी लक्ष्मी जी और विद्या की माँ सरस्वती का निवास स्थान होता है | हथेली दर्शन करने पर विद्यार्थियों के लिया माता सरस्वती, ग्रहस्थ आश्रम का पालन करने वाले लोगो के लिए माँ लक्ष्मी और वृद्धो के लिए ब्रह्मा जी का दर्शन शुभ माना जाता है |
हाथ के सबसे निचले वाले भाग में ब्रह्म देव और हाथ के बीचों-बीच माँ सरस्वती और हाथ के सबसे ऊपर वाले भाग में माता लक्ष्मी जी का निवास स्थान होता है | प्रातः काल इन तीन देव शक्तियों के दर्शन एक साथ हो जाते है इसलिए इसे सौभाग्य का प्रतिक भी माना जाता है |
 
शास्त्र कहते है की हमारे हाथों में कुछ तीर्थ भी स्थित होते है | हाथ के सबसे ऊपरी अँगुलियों वाले भाग में देव तीर्थ होता है |तर्जनी के मूल भाग में पितृतीर्थ होता है | जबकि कनिष्ठ के मूल भाग में प्रजापति तीर्थ होता है | इसके अतिरिक्त अंगूठे में ब्रह्मतीर्थ का पाया जाता है | बायें हाथ के बीच में सोमतीर्थ और दायें हाथ के बीच में अगृतीर्थ पाया जाता है | हमारी अंगुलियों की संधियों में ऋषितीर्थ होता है |