लॉकडाउन में BJP नेता को टोकना पड़ा पुलिस को भारी, पूरे थाने को घर बुलाकर मंगवाई माफी

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इस समय जब देश और दुनियाभर की सरकारें और प्रशासन कोरोना वायरस जैसी महामारी से दो-दो हाथ कर रही हैं वहीं चौबीस घंटे सेवा देने वाला पुलिस महकमा इन दिनों सत्तासीन नेताओं की नेताओं की नेतागिरी से परेशान हो रहा है। परेशानी भी ऐसी कि जिसमें ड्यूटी निभाने के बावजूद जलालत झेलनी पड़ रही है। कानपुर में थाना बर्रा क्षेत्र के जनता नगर में मास्क न लगाने व घर से निकलने का कारण पूछना पूरे थाने को भारी पड़ गया। तमतमाये भाजपा नेता ने अपने ऐसे तेवर दिखाए कि उल्टे जनता नगर चौकी इंचार्ज और बर्रा के थाना प्रभारी रणजीत राय को माफी मांगनी पड़ गई, तब जाकर उनकी जान छूटी।

जनता नगर चौकी के दरोगा शनिवार 4 अप्रैल की रात करीब साढ़े 8 बजे सिपाहियों के साथ गस्त पर थे। घर के बाहर मोदी विचार मंच के संगठन मंत्री एमपी वर्मा को बिना मास्क में देखकर पुलिसवालों ने जब सवाल किया तो एमपी वर्मा का पारा चढ़ गया और विधायक महेश त्रिवेदी से इसकी शिकायत कर दी। सत्ता की आन-बान और शान पर आई इस छोटी सी बात पर विधायक ने थाना अध्यक्ष और चौकी इंचार्ज दोनों को अपने आवास पर तलब कर लिया। जहां घंटों चली पंचायत के बाद बर्रा थाना प्रभारी रणजीत रॉय और जनता नगर चौकी इंचार्ज सहित कई पुलिसकर्मियों ने सोशल डिस्टेंस को मेंटेन रखते हुए माफी मांगी।

सत्ता का रुतबा और हनक किस तरह से हावी होती है, इसका नजारा देखना हो तो सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस वीडियो को गौर से देखिए और ध्यान से सुनिए। जिसमें आपको आपकी सुरक्षा में लगी यूपी पुलिस के एक दरोगा की वर्दी उतरवाने की धमकी से लेकर गाली-गलौज तक किया जा रहा है। करने वाले कोई और नही बल्कि स्वयं उस प्रधानमंत्री और पार्टी के नेता हैं, जिसने कोरोना जैसी महामारी से देश का बचाव करने के लिए दिन रात एक कर रखा है लेकिन पीएम मोदी की इस मेहनत पर इस तरह के छुटभैये नेता कुछ ही मिनटों में पानी फेर देते हैं।

दरअसल खुद को मोदी ब्रिगेड का प्रदेश संगठन मंत्री बताने वाले मंगली प्रसाद वर्मा रात 8 बजे के बाद भगवा कुर्ते में अपने घर से निकले। गस्त पर जा रही पुलिस ने उन्हें रोककर पूछ लिया कहां जा रहे हो नेताजी तो बोले कि पेटदर्द की दवाई लेने। पुलिस ने मास्क पर सवाल करते हुए पर्चा दिखाने की मांग की जिससे कि नेताजी बिफर गए। तुरन्त अपने वरदहस्त किदवई नगर विधायक महेश त्रिवेदी को फोन मार दिया। फिर क्या था विधायक ने चौकी इंचार्ज सहित थानेदार को भी आवास पर तलब कर लिया और माफी मंगवाकर ही माफ किया।

गौरतलब है कि कभी पुखरायां से रामादेवी तक त्रिवेदी बस सर्विस चलवाने वाले विधायक महेश त्रिवेदी इससे पहले बहुजन समाजवादी पार्टी के विधायक थे। मंत्री भी रहे। अभी भारतीय जनता पार्टी में कांग्रेस के कद्दावर अजय कपूर को मात देकर किदवई नगर विधानसभा 215 से विधायक बने थे। विधायक महेश त्रिवेदी ने 20 जुलाई 2016 को कानपुर के नौबस्ता में भाजपा के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को उनके वजन के बराबर सिक्कों से तौल दिया था, जिसके बाद किदवई नगर से उनकी टिकट तय हुई थी।