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यूपी के लोगो की दिल की बात, 2019 में फिर आएगी मोदी सरकार

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मीरजापुर । लोकतंत्र के महापर्व लोकसभा चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ने लगी हैं। एक आनलाइन पोल के नतीजे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार को बड़ा समर्थन मिलता दिख रहा है। सर्वेक्षण के दौरान 83 प्रतिशत लोगों ने लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा के शानदार प्रदर्शन व पीएम मोदी के नेतृत्व में एक बार फिर एनडीए की सरकार बनने की उम्मीद जताई।

देश में आगामी कुछ सप्ताह में लोकसभा चुनाव के तारीख का एलान होने की संभावना है। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर प्रदेश की समाजवादी व बहुजन समाजपार्टी गठबंधन ने सीटों का बंटवारा कर घोषणा कर दी। घोषणा में मीरजापुर लोकसभा संसदीय सीट समाजवादी पार्टी के खाते में आने से सपाइयों में खुशी की लहर व्याप्त हो गई। हो भी क्यों न! तेरह वर्षों में तीन बार सपा ने मीरजापुर लोकसभा सीट पर विजयश्री हासिल की है।

1996 और 1999 में समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी दस्यु सुंदरी फूलन देवी व 2009 के चुनाव में सपा के बालकुमार पटेल ने जीत दर्ज कर संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था। 2014 में भाजपा-अपना दल (एस) गठबंधन के दौरान मोदी लहर में अनुप्रिया पटेल ने चार लाख 36 हजार 536 मत पाकर बसपा की समुद्रा बिंद को लगभग दो लाख मतों से शिकस्त दी थी। कांग्रेस के ललितेशपति त्रिपाठी तीसरे और सपा के सुरेंद्र पटेल एक लाख आठ हजार 859 मत पाकर चैथे स्थान पर थे।

पिछले लोकसभा चुनाव पर गौर करें तो 1999 में फूलन देवी ने दो लाख 90 हजार 849 मत पाकर भाजपा के विरेंद्र सिंह मस्त को दूसरी बार शिकस्त दी थी। वहीं 2009 में सपा के बालकुमार पटेल ने दो लाख 18 हजार 898 मत पाकर बसपा के अनिल कुमार मौर्या को हराते हुए तीसरी बार सपा का झंडा बुलंद किया था और सपा तीनों बार दो लाख से अधिक मत पाकर विजयश्री हासिल की। वहीं पिछले चार लोकसभा चुनाव में बसपा दो लाख मतों के आंकड़े के आसपास रही। सपा-बसपा दोनों के मत जोड़ दिए जाएं तो आंकड़ा चार लाख से अधिक हो जाता।

अगर 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा-अपना दल (एस) गठबंधन बरकरार रहा और अनुप्रिया पटेल दूसरी बार यहां से प्रत्याशी हुईं तो सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी से उनकी कांटे की टक्कर से इनकार नहीं किया जा सकता। 2014 में लोकसभा सीट से पराजय मिलने के बाद सपा अब बसपा के साथ मिलकर मैदान में उतरने जा रही है। 2014 में अपना दल (एस) की अनुप्रिया पटेल के मुकाबले बसपा की समुद्रा देवी दूसरे स्थान पर थीं। वहीं कांग्रेस के ललितेशपति त्रिपाठी और सपा के सुरेंद्र पटेल की जमानत जब्त हो गई थी।

फिलहाल इस समय जिले की चार विधानसभा क्षेत्र में भाजपा व एक पर अपना दल (एस) का कब्जा है। समाजवादी पार्टी के दावेदारों में पूर्व सांसद बालकुमार पटेल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिवशंकर यादव व पूर्व राज्यमंत्री कुंवर प्रमोदचंद्र मौर्या शामिल हैं। सपा-बसपा गठबंधन की सीटें तय होने के बाद लोकसभा सीट पर मुकाबला दिलचस्प होने वाला है।

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