ED ने की NRI शराब कारोबारी की गिरफ्तारी, गांधी परिवार की क्यों बढ़ी परेशानी ?

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रॉबर्ट वाड्रा के करीबी माने जाने वाले और UAE के NRI कारोबारी सी. सी. थंपी को ईडी ने मनी लॉ़न्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है. केंद्रीय एजेंसी केरल में एक संपत्ति खरीद मामले में थंपी के खिलाफ जांच कर रही है. इसके अलावा थंपी दुबई में रहकर भारत की कई डिफेंस डील करवाने का भी आरोपी है और भारत के कई लोकेशन पर अवैध संपत्ति के लिए भी जांच के घेरे में है. बता दें कि सी. सी. थंपी हॉलीडे समूह के मालिक हैं. मिली जानकारी के मुताबिक रॉबर्ट वाड्रा की लंदन स्थित प्रॉपर्टी में भी थंपी का नाम आया था. वो जिस मामले में गिरफ्तार हुए हैं वह विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के पर उल्लंघन का है. ईडी ने 2017 में कारोबारी पर एक हजार करोड़ रुपए का कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था.

आखिर यह सी. सी. थंपी है कौन?

सी.सी थम्पी केरल के एक व्यापारी, जिन्हें कल्लू थम्पी के नाम से जाना जाता है. मलयालम में कल्लू का अर्थ है स्थानीय शराब और सी.सी थम्पी (61) को खाड़ी क्षेत्र में शराब के कारोबार के लिए कल्लू थम्पी के रूप में जाना जाता है. सरकारी रिकॉर्ड में उनका आधिकारिक नाम चेरुवथूर चक्कुट्टी थम्बी है और उनका जन्म केरल के त्रिशूर जिले के एक गरीब परिवार में हुआ था.

सी.सी थम्पी के पास संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में एक रेस्तरां श्रृंखला है जिसे Nalukettu Group of restaurants के रूप में जाना जाता है. अजमान और शारजाह में उनकी अन्य कंपनियां जैसी Holiday Beach Club, Sea view Marine Services, Holiday Arabian Resort, Holiday Rent a Car, Holiday Marine Services, Holiday Duty-Free Shop, Uniglobe General Trading, और Al Khaleej Tyre Factory है. वह Ras Al Khaima Media Services नाम से एक विज्ञापन कंपनी भी चलाते हैं.

PGURUS के अनुसार थम्पी ने 2000 की शुरुआत में कांग्रेस के करीब हुए जब केरल के अधिकांश कांग्रेस सांसद खाड़ी देशों में उनके आतिथ्य का आनंद ले रहे थे. थम्पी के कांग्रेस के सांसदों जैसे शशि थरूर, एंटो एंटनी, के वी थॉमस और रमेश चेनिथला और पी सी चाको जैसे अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ भी करीबी संबंध हैं. PGURUS की रिपोर्ट के अनुसार दुबई से एयर इंडिया की उड़ानें मई 2014 तक नियमित रूप से थम्पी के सामान को दिल्ली में बैठे शीर्ष नेताओं तक पहुंचाती थीं.

थम्पी सोनिया गांधी के निजी सचिव विंसेंट जॉर्ज के माध्यम से गांधी परिवार के करीबी बने थे, जिनके खिलाफ 2001 में, CBI ने मामला दर्ज किया था. इसी कारण थम्पी के सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के साथ अच्छे व्यापारिक संबंध हैं. जब सी. सी. थंपी ने हरियाणा के पलवल और फरीदाबाद जिले में होलीडे सिटी सेंटर प्रा. लि. के नाम पर खेती की जमीन खरीदी थी. तब वह ED की नजरों में आए. उस दौरान ED ने उनपर 288 करोड़ का फेमा उल्लंघन करने का आरोप लगाया था.

यही नहीं सी. सी. थंपी का नाम रॉबर्ट वाड्रा से भी गहरा संबंध है. इसके साथ जमीन विक्रेता एचएल पाहवा से जमीन खरीद मामले में भी राहुल गांधी और संजय भंडारी का संबंध उजागर हुआ था. पाहवा और राहुल गांधी के बीच हुई लैंड डील को इसी सी. सी. थंपी ने फंड किया था. जब प्रवर्तन निदेशालय ने तीन और चार मई 2017 को एचएल पाहवा के यहां सर्च किया था तब सीसी थंपी का संजय भंडारी के साथ नजदीकी आर्थिक रिश्तों का पता चला था.

यह तो सभी को पता है कि आर्म्स डीलर संजय भण्डारी वही व्यक्ति है जो राफेल विमान में ऑफसेट हिस्सेदारी के लिए लॉबी कर रहा था और उसके साथ राहुल गांधी के सीधे संबंध होने के राज का खुलासा हुआ था. सी.सी थम्पी ने skylight Investment के नाम की कंपनी से वाड्रा के लिए बेनामी संपत्ति की ख़रीद की थी और संजय भंडारी ने उस करार के दौरान सेतु का कार्य किया था.

इस तरह से देखा जाए तो गांधी परिवार पर लगे सभी आरोपों के साथ थम्पी का कनेक्शन है. अब जब वह ED की पकड़ में है तो ED पूरी कोशिश करेगा कि गांधी परिवार से जुड़े सभी केस में उसकी जुबान खुलवाई जाए.