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दस किमी तक सुनायी दिया धमाका, खौफनाक मंजर देख दहल उठा दिल..

Pulwama Terror Attack

पुलवामा में आतंकी हमले से पूरे देश लोगों में गुस्से की लहर है। लोगों ने पाकिस्तान का पुतला फूंककर अपना गुस्सा जाहिर किया और केंद्र सरकार से आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने की मांग की। कई राजनीतिक दलों ने अपने कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं।पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों के लोगों ने श्रद्धांजलि दी। जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले के अवंतिपोरा इलाके में आतंकवादियों ने गुरुवार को सीआरपीएफ के काफिले को निशाना बनाते हुए हमला किया जिसमे कम से कम 37 जवान शहीद हे गए। तबाही का ऐसा खौफनाक मंजर देख स्थानीय निवासियों का खून जम गया।  यह आतंकवादी घटना यहां से 20 किलोमीटर दूर हुई। घटना में इस्तेमाल किया गया विस्फोटक इतना शक्तिशाली था कि उसकी आवाज 10-12 किलोमीटर दूर, यहां तक कि पुलवामा से जुड़े श्रीनगर के कुछ इलाकों तक भी सुनाई दी।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि घटना में शहीद हुए जवानों के क्षत विक्षत शव जम्मू कश्मीर राजमार्ग में बिखर गए। कुछ शवों की हालत तो इतनी खराब है कि उनकी शिनाख्त में काफी वक्त भी लग सकता है। विस्फोट की आवाज सुनाई देते ही लोग यहां वहां भागने लगे। घटनास्थल से 300 मीटर से भी कम दूरी पर स्थित लेथपुर बाजार के दुकानवाले अपनी अपनी दुकानों के शटर गिरा कर भाग गए।

गौरतलब है कि केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के 2500 से अधिक कर्मी 78 वाहनों के काफिले में जा रहे थे। इनमें से अधिकतर अपनी छुट्टियां बिताने के बाद अपनी ड्यूटी पर लौट रहे थे। तभी एक आत्मघाती आतंकवादी ने विस्फोटक से भरी अपनी कार जवानों की बस से भिड़ा दी। इस बस में 39-44 के बीच जवान सवार थे। आतंकवादियों ने जिस स्थान पर घटना को अंजाम दिया है वह लाथपोरा के कमांडो ट्रेनिंग सेंटर से ज्यादा दूर नहीं है। यहां पर 31 दिसंबर 2017 को आतंकवादियों ने हमला किया था। इसमें सीआरपीएफ के पांच जवान शहीद हो गए थे।

शव इतनी बुरी तरह क्षत-विक्षत हो चुके हैं कि चिकित्सकों के लिए हताहतों की वास्तविक संख्या बताना बहुत कठिन हो रहा है।  यह काफिला जम्मू से तड़के साढ़े तीन बजे चला था और माना जा रहा था कि इसे सूर्यास्त तक श्रीनगर पहुंचना था। प्रधानमंत्री मोदी ने हमले के बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि सीआरपीएफ कर्मियों पर हमला घृणित कृत्य है। ‘मैं इस कायराना हमले की कड़ी निंदा करता हूं । हमारे वीर सुरक्षा कर्मियों का बलिदान व्यर्थ नहीं जायेगा ।’

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि गृहमंत्री ने राज्यपाल से बातचीत की जिन्होंने उन्हें राज्य की वर्तमान स्थिति के बारे में बताया। सिंह ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, केन्द्रीय गृह सचिव राजीव गाबा, खुफिया ब्यूरो (आईबी) के निदेशक राजीव जैन, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक आर आर भटनागर से भी बातचीत की और उन्हें जरूरी निर्देश दिये।  गृह मंत्रालय स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति की आज सुबह बैठक होगी जिसमें जम्मू कश्मीर की सुरक्षा स्थिति के बारे में विचार किया जाएगा। इस समिति में गृह मंत्री, रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री और वित्त मंत्री शामिल हैं।

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