क्यों बागी हुए सुप्रीम कोर्ट के 4 जज? ये है असली वजह

सुप्रीम कोर्ट के 4 जजों द्वारा चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ बगावती तेवर अपनाए जाने के बाद राजनीति गरमाती जा रही है. खबर है कि संसद के आगामी सत्र में जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ कांग्रेस महाभियोग प्रस्ताव लाने पर विचार कर रही है. मीडिया रिपोर्ट्स में एक वरिष्ठ अधिवक्ता के हवाले से कहा गया है कि कांग्रेस महाभियोग लाने के विकल्प पर विचार कर रही है.

सुप्रीम कोर्ट के जजों के बागी होने का कारण

वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जजों के बगावती तेवर की वजह पिछले साल नवंबर में सुप्रीम कोर्ट के दो शीर्ष जजों के बीच टकराव बताया गया है. नवंबर में चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस चेलमेश्वर के बीच पैदा हुए मतभेद के बाद से ही अटकलें लगाई जा रही थीं कि कई अन्य जज चीफ जस्टिस के कामकाज के तरीके से खुश नहीं थे. बता दें कि चीफ जस्टिस की अगुआई वाली बेंच ने जस्टिस चेलामेश्वर की अगुआई वाली दो सदस्यीय बेंच के फैसले को पलट दिया था. चेलामेश्वर की बेंच ने आदेश दिया था कि भ्रष्टाचार के मामले में घिरे ओडिशा हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज के खिलाफ एसआईटी जांच की याचिका पर सुनवाई के लिए बड़ी बेंच बने. दो सदस्यों की बेंच के इस फैसले को जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुआई वाली पांच सदस्यीय बेंच ने पलट दिया.

चीफ जस्टिस मिश्रा बनाम जस्टिस चेलमेश्वर

Advertisement


दीपक मिश्रा की बेंच ने चेलामेश्वर के फैसले को रद्द करते हुए कहा था कि कौन सी बेंच कौन से केस की सुनवाई करेगा, यह फैसला करना चीफ जस्टिस का काम है. किस बेंच में कौन से जज होंगे, यह तय करने का अधिकार भी सिर्फ चीफ जस्टिस को है. दरअसल, पूरा मामला मेडिकल एडमिशन घोटाले से जुड़ा हुआ है. एमसीआई स्कैम के नाम से मशहूर इस घोटाले ने पिछले साल सितंबर में मीडिया में काफी सुर्खियां बटोरी थीं. सीबीआई ने इस मामले में ओडिशा हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज और 5 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था. जज पर आरोप था कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की ओर से बैन लगाए जाने के बावजूद प्राइवेट मेडिकल कॉलेज को छात्रों का रजिस्ट्रेशन करने की मंजूरी दी.

advt