ख़बरदेश

JNU समर्थक देख लें ‘मासूमों’ की हरकत, पूरी रात बवाल, कुलपति की पत्नी बंधक

10 फरवरी 2018 को कुलपति आवास के बाहर प्रदर्शन करते JNU छात्र(फोटो-@jnu_voice)

JNU जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा बताते चले  प्रशासन के खिलाफ सात दिन से भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों ने वाइस चांसलर जगदीश कुमार के आवास का घेराव किया. जगदीश कुमार ने आरोप लगाया है कि उनके घर में तोड़फोड़ की गई और पत्नी को बंधक बना लिया.  कुलपति के आवास पर काफी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।

दिल्ली पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक

छात्रों ने सोमवार शाम कुलपति जगदीश कुमार के घर तक मार्च निकाला, इस दौरान विद्यार्थियों ने उनके घर में भी घुसने की कोशिश की, जिन्हें यूनिवर्सिटी के सुरक्षा कर्मचारियों ने रोक दिया, जिसके बाद अधिकतर छात्र वापस अपने छात्रावास में चले गए।

जेएनयू के कुलपति ने इस मामले पर ट्ववीट भी किया। ट्विटर पर उन्होंने लिखा, ‘शाम के समय करीब 100 छात्रों ने मेरे जेएनयू में स्थित घर में घुसने की कोशिश की। उन्होंने कई घंटों तक मेरी पत्नी को घर में कैद रखा। घटना के समय में एक बैठक में था, क्या घर में अकेली महिला को डराना विरोध का तरीका है?

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में सोमवार शाम लेफ्ट विंग के छात्रों के कथित हंगामे के बाद अब जेएनयू छात्र संघ ने अपना स्पष्टीकरण दिया है. साथ ही जेएनयू प्रशासन के व्यवहार को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है.

छात्र संघ ने कहा है कि मार्च को हिंसक बता छात्रों को बदनाम किया जा रहा है. छात्र केवल मिलकर वाइस चांसलर से कुछ सवाल पूछना चाहते थे लेकिन गार्डों ने उनके साथ मारपीट की. छात्र पिछले 7 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं. जब इस बाबत छात्र वीसी से मिलने उनसे मिलने पहुंचे तो वहां नहीं मिले.

छात्र संघ का यह भी कहना है कि जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष एन साई बालाजी घटनास्थल पर ही बेहोश हो गए जिन्हें बाद में अस्पताल में भर्ती कराया गया. अभी भी उनकी हालत स्थिर बनी हुई है. 11 छात्र पिछले 7 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और उनकी तबियत लगातार खराब हो रही है. पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष गीता कुमारी को ह्रदय गति और लो ब्लड प्रेशर की शिकायत बढ़ गई है. पू्र्व संयुक्त सचिव सुभांशु को पीलिया हो गया है वहीं कई अन्य छात्र भी बीमार पड़ गए हैं. छात्र संघ ने विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपील की है कि वाइस चांसलर छात्रों से मुलाकात करें और संस्थान की छवि धूमिल होने से बचाएं.

Back to top button