मोदी सरकार का किसानों के लिए महा-प्लान, फायदा पाएंगे 11.50 करोड़ परिवार

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मोदी सरकार किसानों के लिए एक खास योजना पर काम कर रही है, इस योजना के तहत 11.5 करोड़ किसान परिवारों से सीधा संपर्क किया जा सकेगा। इस योजना को जमीन पर उतारने की कोशिशें लगातार जारी हैं। यह किसानों के लिए अब तक की सबसे बड़ी योजना होगी। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय में सचिव संजय अग्रवाल की अगुवाई में एक उच्च स्तरीय समिति सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय और उसके नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन यानी एनईजीडी के साथ मिलकर इस पर काम कर रही है और प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा तय समयसीमा के तहत डाटा संकलन की इस बड़ी परियोजना को पूरा करने की कोशिश जारी है।

2020 तक सरकार के पास होगा डाटा बैंक

इस योजना के अनुसार 2020 तक सरकार के पास किसानों का एक बड़ा डाटा बैंक होगा। इस डाटा से अब मिट्टी की जांच हो या बाढ़ की चेतावनी, सेटेलाइट से प्राप्त तस्वीर से लेकर जमीन का राजस्व रिकॉर्ड जैसी तमाम सूचनाएं किसानों को घर बैठे ही मिल जाएंगी। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक अगले छह महीने में एक बार डाटाबेस बन जाने के बाद किसान बाजार की तमाम सूचनाएं ले सकेंगे। वास्तव में ग्रामीण क्षेत्र में यह एक गेम चेंजर साबित होने जा रहा है।’ उन्होंने बताया कि कार्य कृषि सचिव के अलावा आधार कार्ड योजना को अमलीजामा पहनाने वाले पूर्व सूचना प्रौद्योगिकी सचिव जे. सत्यनारायण और कई आईटी विशेषज्ञों की देखरेख में यह काम चल रहा है।’

पीएम-किसान सम्मान निधि से मिली प्रेरणा

इस योजना के तहत डाटा कलेक्ट करने की प्ररेणा पीएम मोदी की अति महत्वपूर्ण योजना पीएम-किसान सम्मान निधि से मिली है। गौरतलब है कि पीएम-किसान सम्मान निधि में एक किसान परिवार को सालाना 6,000 रुपये सीधा हस्तांतरण किया जा रहा है। तीन किस्तों में दी जा रही इस राशि का मकसद किसानों को खेती करने के लिए जरूरी पूंजी में मदद करना है।

इस डाटा का मिलान पब्लिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम यानी पीएफएमएस द्वारा किया जाता है, जो यह सुनिश्चित करता है कि पैसा सही जगह पहुंचा है और किसानों के ही खाते में गया। बता दें कि सरकार ने अब तक देश के गरीब किसानों को पीएम-किसान सम्मान निधि के तहत 33,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया है।