बिहार की पॉलिटिक्स में 23, 27 फरवरी और 1 मार्च हुए स्पेशल, लेकिन क्यों

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बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में अभी वक़्त है. वक़्त से पहले ही लेकिन बिहार की राजनीति अभी से गरमा गई है. एनडीए हो या फिर महागठबंधन सभी दलों के नेता अपनी-अपनी रणनीतियां के तहत चुनावी शंखनाद करने में जुट गए हैं. अब बिहार की राजनीति में तीन तारीखें ऐसी आने वाली हैं जो खास होंगी. खास इसलिए क्योंकि इन तारीखों पर ही बिहार के विधानसभा चुनावों को लेकर प्रचार प्रसार का सही तौर पर आगाज होने जा रहा है.

23 फरवरी 2020

आरजेडी पटना में 23 फरवरी’20 को एक बड़ी रैली करने जा रही है. जहां से तेजस्वी यादव अपनी बेरोजगारी यात्रा की शुरुआत करेंगे. इस यात्रा से पहले तेजस्वी यादव पटना के वेटनरी कॉलेज ग्राउंड में रैली करेंगे. आरजेडी नेता शिवानंद तिवारी ने बताया कि यह रैली ताकत दिखाने के लिए नहीं, बल्कि नवनियुक्त कार्यकर्ताओं को टिप्स देने के लिए है, ताकि आने वाले चुनाव में मजबूती से लड़ सकें.

27 फरवरी 2020

तेजस्वी यादव की रैली के ठीक 4 दिन बाद 27 फरवरी’20 को वाम दल, कन्हैया कुमार के नेतृत्व में पटना के गांधी मैदान में बड़ी रैली करने जा रही है. वाम दल की यह रैली 2020 चुनाव का शंखनाद होगा. कन्हैया पिछले कई दिनों से बिहार भर में घूमकर सभाएं कर रहे हैं और लोगों को रैली के लिए आमंत्रण दे रहे हैं. कन्हैया के इस रैली को अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस का भी समर्थन प्राप्त है. संभावना है कि कन्हैया के इस रैली में कांग्रेस अध्यक्ष समेत कई नेता शिरकत करेंगे. सीपीआई के प्रदेश अध्यक्ष सत्यनारायण सिंह ने कहां की कन्हैया की रैली ना सिर्फ सफल होगी, बल्कि ऐतिहासिक भी रहेगी.

1 मार्च 2020 

वाम दल के रैली के ठीक 3 बाद 1 मार्च’20 को जदयू गांधी मैदान में रैली करने जा रही है. माना जा रहा है कि नीतीश कुमार गांधी मैदान के रैली से 2020 चुनाव का ऐलान करेंगे. जदयू के राष्ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह ने खुलकर कहा 1 मार्च को होने वाली जदयू के इस रैली में बिहार भर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुड़ेंगे, यहीं से चुनाव का शंखनाद होगा.