CAA हिंसा: यूपी को जलाने में सपा और बसपा नेताओं का हाथ, मिले पुख्ता सुबूत

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मेरठ । नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के विरोध के नाम पर शहर को सुलगाने में सपा और बसपा के कुछ नेताओं का भी हाथ है। पुलिस ने इन नेताओं की बलवे में शामिल होने के साक्ष्य जुटा लिए हैं। हालात को भांपकर अब यह नेता खुद को निर्दोष साबित करने की जुगत में लगे हैं।

सीएए के विरोध के नाम पर राजनीतिक दलों के नेताओं ने अपनी सियासी रोटी जमकर सेेंकी। मेरठ शहर के लिसाड़ी गेट, ब्रह्मपुरी, नौचंदी और कोतवाली थाना क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने जमकर बवाल किया था। इसमें पांच लोगों की मौत हो गई और कई पुलिसकर्मियों सहित कई दर्जन लोग घायल हुए। इस मामले में पुलिस ने अभी तक 13 मुकदमे दर्ज करके 52 बवालियों को गिरफ्तार किया है। जबकि मुजफ्फरनगर में 21 मुकदमे दर्ज करके 48 लोग पकड़े हैं। बिजनौर में 29 मुकदमों में अभी तक 146 लोग गिरफ्तार हुए तो बुलंदशहर में तीन मुकदमों में 12 बवाली बंदी बनाए गए हैं।

सपा और बसपा नेताओं के खिलाफ पुख्ता सुबूत

पुलिस ने मेरठ में बवाल करने में अग्रणी रहे सपा और बसपा के कई नेताओं को चिहिन्त कर लिया है। ऐसे सभी नेताओं की सूची पुलिस ने तैयार की है। यह नेता पत्थर फेंकने में सबसे आगे रहे और इसके बाद ही बवाल भड़का था। वीडियो फुटेज और फोटो के जरिए पुलिस दूसरे नेताओं की भी धरपकड़ में जुटी है। हिंसा में सपा नेताओं की अहम भूमिका रही। मवाना थाना क्षेत्र के सठला गांव में भी हुए बवाल में भी सपा के दो नेता शामिल बताये जाते हैं। एसएसपी अजय साहनी का कहना है कि पूरे मामले की रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है। जल्दी ही पुलिस इन नेताओं के कारनामे सावर्जनिक करेगी।

पूर्व पार्षद प्रत्याशी ने फूंकी पुलिस चौकी

पुलिस की जांच में सामने आया है कि हापुड़ रोड पर इस्लामाबाद पुलिस चौकी को फूंकने में पार्षद का चुनाव लड़ चुके शुएब की प्रमुख भूमिका रही। पहले ही बवालियों ने पेट्रोल बम तैयार कर लिए थे। शुएब के नेतृत्व में पुलिस चौकी जलाई गई। इसके साथ ही खत्ता रोड पर बवालियों का नेतृत्व भूरा, सबला और बल्लो हसन ने किया। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है।

एसएसपी ने बनाई एसआईटी

एसएसपी अजय साहनी ने मेरठ के बवाल की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया है। अभी तक दर्ज हुए मुकदमे भी एसआईटी को रेफर कर दिए जाएंगे। सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला इसकी माॅनिटरिंग करेंगे तो एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह पूरे मामले को देखेंगे। मृतकों के परिजनों ने भी निष्पक्ष जांच की मांग की है।