सोमवती अमावस्या : आज ही करे ये उपाय और बने धनवान, मगर इन कामों से करे परहेज

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ऐसा संयोग कम ही होता है, जब अमावस्या सोमवार के दिन हो। सोमवार को अमावस्या होने पर इसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। इस बार यह 16 अप्रैल यानी वैशाख मास की अमावस्या पड़ रही है।

महाभारत में भीष्म पितामह ने पांडव पुत्र युधिष्ठिर को इस दिन का महत्व समझाया था। उन्होंने कहा था कि, इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने वाला मनुष्य समृद्ध, स्वस्थ्य और सभी दुखों से मुक्त होगा। अमावस्या के दिन जो वृक्ष, लता आदि को काटना वर्जित होता है। ऐसा करने वाले को ब्रह्महत्या का पाप लगता है। इसका उल्लेख विष्णु पुराण में भी किया गया है।

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इस दिन कुछ उपाय किए जाएं तो आपके सारे बिगड़े काम बन सकते हैं। इस दिन नदी स्नान और तीर्थक्षेत्र में स्नान-दान का विशेष महत्व है।

मान्यता है कि इस दिन मौन व्रत रहने से सहस्त्र गोदान का फल प्राप्त होता है। विवाहित स्त्रियां इस दिन अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत भी रखती हैं। इस दिन विवाहित स्त्रियां पीपल के वृक्ष को शिवजी का वास मानकर दूध, जल, फूल, अक्षत, चन्दन से पूजा करती हैं और चारों ओर 108 बार धागा लपेटकर परिक्रमा करती हैं।

कुंडली में कमजोर है चंद्रमा करें यह उपाय

सोमवती अमावस्या पर पितरों के लिए तर्पण और कर्मकांड के साथ ही स्नान और यज्ञ का भी विशेष महत्व है। यदि कुंडली में चंद्रमा कमजोर है, तो गाय को दही और चावल खिलाएं, मानसिक शांति मिलेगी।

इस दिन शिवलिंग पर कच्चे दूध और दही से अभिषेक कर उन्हें काले तिले अर्पित करने से आपको विशेष लाभ होता है। इस दिन आप शिवलिंग पर कच्चा दूध और दही लें, साथ ही इसमें शहद मिलाएं और इससे भगवान शिव का रुद्राभिषेक करें। इससे काम पूरे होंगे।

अमावस्या की रात को किसी भी कुए में एक चम्मच दूध डाल दें और एक रुपए का सिक्का डाल दें। इससे आपके धन के रास्ते खुलेंगे। ध्यान रहे, इसे करते हुए आपको कोई देखे नहीं।

इन कार्यों को नहीं करें

अमावस्या पर किसी भी श्मशान या कब्रिस्तान के आस-पास नहीं घूमना चाहिए। इस समय बुरी आत्माएं सक्रिय हो जाती है। मानसिक या भावनात्मक रूप से कमजोर व्यक्ति इन बुरी आत्माओं या नकारात्मक शक्तियों से लड़ने में सक्षम नहीं होता है।

सोमवती अमावस्या के दिन सुबह देर तक नहीं सोना चाहिए। इस दिन स्नान का खास महत्व है इसलिए अगर आप किसी पवित्र नदी में स्नान नहीं कर सकें, तो घर पर ही स्नान करके सूर्य देव को अर्घ्य दें।

अमावस्या को संबंध नहीं बनाना चाहिए। गरुण पुराण के अनुसार, अमावस्या पर यौन संबंध बनाने से पैदा होने वाली संतान को आजीवन सुख नहीं मिलता है।

अमावस्या के दिन पीपल की पूजा करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं, लेकिन शनिवार के अलावा अन्य दिन पीपल का स्पर्श नहीं करना चाहिए। इसलिए पीपल के वृक्ष का स्पर्श न करें क्योंकि इससे धन हानि होती है।

सोमवती अमावस्या के दिन बाल, दाढ़ी बनवाना, नाखून काटना वर्जित है। अमावस्या पर घर में पितरों की कृपा पाने के लिए घर में लड़ाई-झगड़े का माहौल नहीं बनने दें। किसी के दिल को दुखाने वाली कोई बात नहीं कहें।