#MeToo: स्मृति ईरानी से हुआ एमजे अकबर पर सवाल, बोलीं- ‘सज्जन व्यक्ति..’

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Smirti Irani on MJ Akbar

नई दिल्ली : (#MeToo) अभियान ने ऐसी तूल पकड़ी कि इसकी जद में बड़े-बड़े नाम सामने आ रहे हैं. वही विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों पर सरकार की तरफ से केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने चुप्पी तोड़ी है। केंद्रीय मंत्री ने गुरुवार को कहा कि जिस व्यक्ति पर सवाल उठे हैं उसे ही इसका जवाब देना चाहिए। स्मृति ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यौन उत्पीड़न का आवाज उठाने वाली महिलाओं को न्याय मिलेगा।

एमजे अकबर पर लगे आरोपों के बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘जिस व्यक्ति पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगे हैं, उस व्यक्ति को ही इस बारे में स्पष्टीकरण देना चाहिए क्योंकि जब ये घटनाएं हुईं तो मैं वहां उपस्थित नहीं थी। मुझे यह देखकर खुशी हो रही है कि मीडिया अपने महिला साथियों के साथ खड़ा है। यौन उत्पीड़न की घटनाओं को सामने लाने वाली महिलाओं का न तो मजाक उड़ाना और न ही उन्हें शिकार बनाया जाना चाहिए।

स्मृति ईरानी ने कहा

‘महिलाएं कार्यस्थल पर प्रताड़ित या यौन उत्पीड़न का शिकार होने नहीं जाती हैं। वे अपने सपनों को पूरा करने और एक सम्मानित जीवन जीने के लिए जाती हैं। मुझे उम्मीद है कि जो महिलाएं आज आवाज उठा रही हैं उन्हें न्याय जरूर मिलेगा।’

बता दें कि केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर पर सात महिला पत्रकारों ने अपना यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। मंत्री पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों ने सरकार के लिए भी असहज स्थिति उत्पन्न कर दी है। चूंकि अकबर विदेश में है ऐसे में सीधे सवाल सरकार के मंत्रियों से पूछे जा रहे हैं। बुधवार को एक रिपोर्टर ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से सवाल किया लेकिन वह इस सवाल को टाल गईं।

टाइम्स नाउ ने भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा से आज सवाल किया लेकिन पात्रा ने भी सवाल का जवाब देना उचित नहीं समझा। विदेश राज्य मंत्री अकबर पर स्मृति ईरानी ने पहली प्रतिक्रिया दी है। सरकार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में अकबर का मुद्दा नहीं उठा लेकिन कुछ मंत्रियों ने आपस में इस बारे में चर्चा की।

अकबर पर यौन उत्पीड़न के लगे आरोप उस समय के हैं जब वह भाजपा में शामिल नहीं हुए थे। सरकार इसलिए भी उनका बचाव करने से बच रही है। अकबर इस समय नाइजीरिया में हैं। समझा जाता है कि स्वदेश आने पर सरकार उनसे इस्तीफा देने के लिए कह सकती है। इधर विपक्ष ने भी अकबर को मंत्री पद से हटाए जाने की मांग तेज कर दी है।