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VIDEO : आलोचकों को मोदी के मंत्री का जवाब, फोटो शेयर कर लिखा-‘हम बोलेगा तो…😂🤔🤦‍♀️’

नई दिल्ली । केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक ऐसी फोटो शेयर की है जो सोशल मीडिया में भी वायरल हो रही है। सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर बयान देकर विवादों में आईं केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने आलोचकों को अपने ही अंदाज में जवाब दिया है। गुरुवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर ईरानी ने एक तस्वीर साझा की। जिसमें उनका मुंह बंधा हुआ है। केंद्रीय मंत्री ने इस फोटो के साथ कैप्शन दिया, ‘हम बोलेगा तो बोलोगे कि बोलता है😂🤔🤦‍♀️’ दरअसल हाल ही में केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर उन्होंने एक बयान दिया था जिस पर बहस छिड़ी हुई है। स्मृति ईरानी ने कहा था कि मुझे प्रार्थना करने का अधिकार है, लेकिन अपवित्र करने का अधिकार नहीं है।

केंद्रीय मंत्री का ये जवाब सोशल मीडिया पर काफी चर्चा बटोर रहा है। काफी लोग उनकी इस तस्वीर की आलोचना कर रहे हैं, तो वहीं कुछ ने आलोचकों को जवाब देने के इस तरीके की तारीफ की है। स्मृति ईरानी ने जो तस्वीर साझा की है, वह अभी की नहीं बल्कि उन दिनों की है जब वह टीवी एक्टिंग में एक्टिव थीं।

सबरीमाला मुद्दे पर क्या बोलीं थी ईरानी?

आपको बता दें कि अभी दो दिन पहले ही एक कार्यक्रम में स्मृति ईरानी ने कहा था कि अगल रजस्वला अवस्था में महिलाएं जब खून से सना पैड लेकर दोस्त के घर नहीं जातीं तो भगवान के घर कैसे जा सकती हैं. केंद्रीय मंत्री के इसी बयान पर बखेड़ा खड़ा हुआ था, कई महिला संगठनों और विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाए थे.

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा था, ‘पूजा करना मेरा अधिकार है, लेकिन अपवित्र करना नहीं. एक कैबिनेट मंत्री होने के नाते सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर नहीं बोल सकती. क्या आप खून से सने सैनिटरी पैड को लेकर अपने दोस्त के घर जाएंगी? नहीं न, तो आप उसे भगवान के घर में क्यों ले जाएंगे.’

बाद में दी थी सफाई

इस बयान पर हुए विवाद के बाद स्मृति ने सफाई भी दी थी. उन्होंने कहा था कि पारसी से शादी होने बाद भी उन्हें भी मुंबई के फायर टेंपल में जाने की इजाजत नहीं मिलती, लेकिन इस फैसले का वह सम्मान करती हैं.

गौरतलब है कि सप्रीम कोर्ट के आदेश पर 10 से 50 वर्ष (रजस्वला आयु वर्ग) आयु की महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध हटाए जाने के बाद सबरीमाला मंदिर के कपाट सभी महिलाओं के लिए खोल दिए गए थे. जिसे बीते सोमवार बंद कर दिया गया. हालांकि, मंदिर के गर्भगृह तक रजस्वला महिलाओं को प्रवेश नहीं कराया जा सका

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