उद्धव का सिरदर्द बने शिवसैनिक, अपने आगे कोई सुनने को नहीं तैयार !

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विधानसभा चुनाव में शिवसेना को शिवसैनिकों की बगावत का सर्वाधिक सामना करना पड़ रहा है. बागियों पर कड़ी कार्रवाई की उद्धव ठाकरे की धमकी और शिवसेना सचिव अनिल नार्वेकर की चर्चा बेअसर साबित हुई है.जानकारी के अनुसार शिवसेना प्रमुख के गृहक्षेत्र बांद्रा पूर्व में शिवसेना वर्तमान विधायक तृप्ति बाला सावंत बागी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रही हैं. शिवसेना ने इस सीट पर मुंबई के महापौर विश्वनाथ महाडेश्वर को अधिकृत उम्मीदवार बनाया है.

यह सीट शिवसेना के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि शिवसेना अध्यक्ष खुद यहां का जनप्रतिनिधि चुनने के लिए मतदान करते हैं. मंगलवार को तृप्ति सांवत ने बताया कि उन्हें शिवसेना की ओर से कहा गया है कि अगर उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा तो मातोश्री के दरवाजे उनके लिए बंद कर दिए जाएंगे. तृप्ति सावंत ने कहा कि एक बार उन्होंने निर्णय ले लिया तो अब वापस लेना असंभव है. तृप्ति ने कहा कि वह सिर्फ एकबार उद्धव ठाकरे से मिलकर चर्चा करना चाहती थी लेकिन उद्धव ने उनसे मिलने के लिए वक्त नहीं दिया. स्वर्गीय बाला सावंत के काम की वजह उन्हें यहां लोगों का जनसमर्थन मिल रहा है. हालांकि शिवसेना सचिव अनिल नार्वेकर ने तृप्ति को समझाने का अथक प्रयास किया था, जो असफल साबित हुआ है. महापौर विश्वनाथ महाडेश्वर ने बताया कि उन्हें प्रचार के दौरान जनसमर्थन मिल रहा है और वे अवस्य विजई होंगे.

इसी तरह अंधेरी पूर्व में शिवसेना विधायक रमेश लटके भी बगावत से परेशान हैं. अंधेरी में पूर्व शिवसेना पार्षद मुरली पटेल ने यहां से निर्दलीय उम्मीदवार के रुप में चुनाव लड़ रहे हैं. अंधेरी पश्चिम में भाजपा के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ रही भाजपा विधायक भारती लव्हेकर भी शिवसेना की बगावत की शिकार हैं. इस सीट पर शिवसेना की फायरब्रांड नेता राजुल पटेल ने चुनाव लड़ रही हैं.

राजुल पटेल का कहना है कि वह भाजपा की अधिकृत उम्मीदवार के विरुद्ध चुनाव नहीं लड़ रही हैं. राजुल पटेल ने कहा कि भारती लव्हेकर विनायक मेटे की शिवसंग्राम पार्टी की उम्मीदवार हैं, इसलिए वह यहां से चुनाव लड़ रही हैं और उन्हें जनसमर्थन मिल रहा है. कांग्रेस से भाजपा में आए नारायण राणे भी अपने बेटे नीतेश राणे के लिए बगावत से परेशान हैं. नीतेश राणे शिवसेना भाजपा के चुनाव चिन्ह पर कणकवली से चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि उनके सामने शिवसेना के टिकट पर सतीश सावंत चुनाव लड़ रहे हैं.

इतना ही नहीं गृहराज्यमंत्री दीपक केसरकर शिवसेना के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि उनके सामने भाजपा के राजन तेली निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं. कुडाल विधानसभा में वैभव नाईक शिवसेना से चुनाव लड़ रहे हैं,लेकिन इस सीट पर भाजपा के निर्दलीय रंजीत देसाई निर्दलीय के तौर पर नाईक को चुनौती दे रहे हैं. इस तरह मुंबई की तीन व कोंकण की 3 सीटों पर भाजपा -शिवसेना गठबंधन को अपने ही लोगों की बगावत का सामना करना पड़ रहा है.