शेहला रशीद ने 9 महीने में ही राजनीति से लिया संन्यास, लेकिन क्यों ?

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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा और नेता शेहला रशीद ने राजनीति छोड़ने का ऐलान किया. शेहला ने कहा कि कश्मीरियों के साथ हो रहे दमन को बर्दाश्त नहीं कर सकती. जम्मू-कश्मीर में होने वाले बीडीसी चुनाव से पहले शेहला ने सियासत को अलविदा कह दिया. उन्होंने कहा कि सरकार अब दुनिया को चुनाव कराकर दिखाना चाहती है कि कश्मीर में लोकतंत्र है. लेकिन जो हो रहा है वह लोकतंत्र नहीं, उसकी हत्या है.

शेहला ने कहा कि वह एक कार्यकर्ता के रूप में अपना काम जारी रखेंगी, लेकिन मुख्यधारा की राजनीति में शामिल नहीं होंगी. उन्होंने कहा, केंद्र सरकार दुनिया को दिखाने के लिए चुनावी का प्रदर्शन कर रही है. जम्मू-कश्मीर में जो चल रहा है वह लोकतंत्र की हत्या है. यह कठपुतली नेताओं को स्थापित करने की योजना है. बता दें शेहला रशीद इस साल मार्च में पूर्व आईएएस अधिकारी और जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट शाह फैसल की पार्टी में शामिल हुई थी.

पिछले दिनों शेहला के खिलाफ कश्मीर घाटी में सैन्य कार्रवाई की गलत सूचना ट्वीट करने पर केस दर्ज किया गया था. शेहला रशीद पर धारा 124-ए(देशद्रोह),153-ए(दुश्मनी को बढ़ावा देना), 504 (शांति भंग करना) और 505(भड़काऊ बयान देना) के तहत मामला दर्ज हुआ था.

बता दें कि जम्मू-कश्मीर में ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल (बीडीसी) चुनाव 24 अक्टूबर को होगा. राज्य में 310 ब्लॉक के लिए वोटिंग होगी. मतदान सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक होगी. वहीं नतीजों की घोषणा 24 अक्टूबर को होगी.