शौहर ने बीवी को कहा तीन तलाक, विरोध करने पर WhatsApp पर भेजा फतवा

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देश में मुस्लिम महिलाओं के लिए तीन तलाक बिल पास होने के बाद दिल्ली में पहला मुकदमा शुक्रवार को दर्ज हुआ। बाड़ा हिंदूराव थाने में 30 साल की राइमा याहिया का दावा है कि उसके पति ने तीन तलाक के बाद वाट्सएप पर फतवा भी भेज दिया। जबकि शादी को आठ साल हो चुके हैं।

बदनामी के डर से महिला ने किसी को कुछ नही कहा और वह सब कुछ सहती रही। लेकिन हद तो तब हो गई जब ट्रिपल तलाक दे दिया। महिला इस बात से जागरुक थी कि तलाक पर नया कानून बन चुका है। उसने शौहर के खिलाफ थाने में लिखित शिकायत दी। पुलिस ने 4 ऑफ द मुस्लिम वूमेन (प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स ऑन मैरेज) एक्ट-2019 के तहत केस दर्ज कर आरोपित पति आतिर शमीम को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब इस केस के सभी पहलुओं पर जांच कर रही हैं।

पुलिस के अनुसार पीड़ित महिला परिवार के साथ डी-14, वजीराबाद अपने मायके में रहती है। रायमा की 24 नवंबर 2011 को आजाद मार्केट निवासी आतिर शमीम से निकाह हुआ था। अपनी लिखित शिकायत में महिला का आरोप है कि शादी के बाद कुछ दिनों सब कुछ ठीक था। पति को बिजनेसम में घाटा होने पर मायके से रुपए लाने का दबाव दिया जाता था। जब डिमांड पूरी न कर सकी तो उसके बाद ही दहेज के लिए मानसिक शोषण किया जाने लगा।

23 जून 2019 को रायमा ने एक बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद भी पति के सितम जारी रहे। महिला का दावा है कि सास और जेठानी उसे बात बात पर ताने कसते थे। रायमा ने पुलिस को बयान दिया कि 26 जून 2019 को आतिर के परिवार ने पति को जोर दिया कि वह पत्नी को तलाक दे दे। वह अपनी ससुराल में मौजूद थी, उसी दौरान पति आतिर उसके कमरे में पहुंचा और आरोपी ने तीन तलाक बोलकर घर से निकाल दिया।

आरोप है कि उसे एक जोड़ी कपड़े भी नही ले जाने दिए गए। आरोप है कि ससुराल वालों ने उसका सारा सामान यहां तक उसका महर भी नही दिया। इसके बाद भी पति ने तलाक के लिए महिला के भाई के व्हाट्सऐप नंबर पर फतवा भेज दिया। परेशान होकर महिला ने मामले की शिकायत बाड़ा हिन्दूराव थाना पुलिस से की। छानबीन के बाद पुलिस ने शुक्रवार को मामला दर्ज कर आरोपित पति को गिरफ्तार कर लिया।