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धारा 370 खत्म होने पर जले बैठे हैं शाहिद अफरीदी, जानिए क्या बात बोली

कश्‍मीर की आजादी की मांग

राज्यसभा में जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक पर पर्चियों से मतदान के बाद इसे पास कर दिया गया है। विपक्षी दलों की ओर से इस पर वोटिंग की मांग की गई थी। पर्चियों के जरिए वोटिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद पक्ष में 125 मत पड़े जबकि विरोध में 61 मत पड़े। अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले से जम्मूवासी फूले नहीं समा रहे हैं तो दूसरी ओर कश्मीर घाटी में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। कोई भी इस बारे में खुलकर बात नहीं कर रहा है।

राज्य से अनुच्छेद 370 को हटाने के फैसले का एनसी, पीडीपी तथा कांग्रेस विरोध करके इस फैसले को राज्य की जनता के खिलाफ बता रही है। लद्दाख व जम्मू-कश्मीर को केन्द्र शासित प्रदेश बनाए जाने से जम्मूवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई हैं। मिठाईयां बांटकर व ढोल बजाकर केन्द्र सरकार के इस फैसले का स्वागत किया जा रहा है। डोगरा फ्रंट व विश्व हिन्दू परिषद ने इस फैसले का स्वागत कार्यकर्ताओं में मिठाईयां बांट कर किया है।

वही इस मामले में पड़ोसी मुल्‍क पाकिस्‍तान की नीदें उड़ी हुई हैं। कई लोगों की प्रतिक्रिया के बाद अब पूर्व क्रिकेटर शाहिद अफरीदी ने इस पर टिप्‍पणी की है। अफरीदी ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए सारा गुस्‍सा यूनाइटेड नेशंस (यूएन) पर निकाला। अफरीदी ने यूएन से हस्‍तक्षेप की मांग की और उसकी चुप्‍पी पर निशाना साधा। अफरीदी अक्‍सर ही कश्‍मीर को लेकर अपने बयानों की वजह से सोशल मीडिया पर सुर्खियों में रहते आए हैं।

धारा 370 हटने के बाद गुस्से में लाल पाकिस्‍तान क्रिकेट टीम के कप्‍तान रहे अफरीदी ने कहा यूएन के प्रस्‍ताव की ओर से कश्‍मीर के लोगों को जो अधिकार मिले हैं, उसका वह समर्थन करते हैं। लेकिन यहां पर जिस तरह की आक्रामकता है और यहां पर हो रहे अपराधों पर ध्‍यान देने की जरूरत है। भारत सरकार ने अपने आदेश में जम्‍मू कश्‍मीर और लद्दाख को दो संघ शासित प्रदेशों में बांट दिया है। जहां जम्‍मू कश्‍मीर में विधानसभा होगी तो वहीं लद्दाख में विधानसभा नहीं होगी। अफरीदी कश्‍मीर पर बयान देते-देते उसकी आजादी की वकालत तक करते आए हैं।उन्‍होंने अपने ट्वीट में यहां तक कहा है कि कश्‍मीर में मानवाधिकारों का हनन हो रहा है और अमेरिका के राष्‍ट्रपति को भी इस पर ध्‍यान देना होगा।

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