सात महीने बाद है गुरुनानक जयंती, बीजेपी नेताओं ने दे दी शुभकामनाएं

 

लखनऊ: बीजेपी के कुछ नेताओं ने सात महीने पहले ही गुरुनानक जयंती की शुभकामनाएं दे कर ट्विटर पर अपनी हंसी उड़वा दी. इन नेताओं में उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से लेकर कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह के नाम भी शामिल थे। अपना मजाक उड़ता देख बीजेपी नेताओं को समझ में आया कि उनसे गलती हो गई है. इस गलती का अहसास होते ही उन लोगों ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया.

यूपी सरकार के कुछ मंत्रियों और बीजेपी नेताओं ने किया पोस्ट 

 

 

हालांकि ट्वीट हटाने से पहले ही कई लोग इसके स्क्रीन शॉट्स ले चुके थे, दरअसल हुआ ये कि रविवार को यूपी सरकार के कुछ मंत्रियों और बीजेपी नेताओं ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए लोगों को गुरुनानक जयंती की शुभकामनाओं वाले पोस्ट कर दिये. प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने गुरुनानक की एक तस्वीर पोस्ट करते हुए ट्वीट किया- सिखों के प्रथम धर्मगुरु, दार्शनिक, सामज सुधारक एवं संगीतज्ञ गुरु नानक देव जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन.

केशव मोर्य ने भी शुभकामनाएं 

 

केशव मोर्य के साथ ही बीजेपी के अन्य नेताओं ने भी ट्वीट कर गुरुनानक जयंती की बधाईयां दे डाली. इनमें स्वास्थ मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, लखनऊ से बीजेपी सांसद आशुतोष टंडन समेत प्रदेश के तमाम बड़े नेताओं का नाम शामिल है.सात महीने पहले ही गुरुनानक जयंती पर इनके ट्वीट देख जब लोगों ने इन्हें ट्रोल करना शुरू किया तो इन नेताओं ने अपने ट्वीट डिलीट कर दिये. खास बात है कि यूपी सरकार द्वारा जारी किए गए कैलेंडर के अनुसार भी गुरु नानक जयंती 23 नवंबर को पड़ रही है.

ट्वीट कर माफी मांगी

सिद्धार्थ नाथ सिंह ने ट्वीट कर माफी मांगी. उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि विकिपीडिया पर गलत जानकारी होने के कारण ऐसा हुआ. जिसमें गुरु नानक जी का जन्मदिन 15 अप्रैल 1469 को दिखाया गया है. उन्होंने विकीपीडिया का स्क्रीन शॉट भी डाला.