क्या हुआ जब सीएम योगी आधी रात को पहुंचे थाने, काशी में ऐसे मची खलबली

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वाराणसी । दो दिवसीय काशी दौरे पर आये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार देरशाम काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का निरीक्षण किया। बाबा विश्वनाथ के दरबार में विधि विधान से दर्शन पूजन के बाद मुख्यमंत्री संस्कृति, पर्यटन एवं धर्मार्थ कार्य राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. नीलकण्ठ तिवारी और जिला प्रशासन के आला अफसरों के साथ गेट नंबर तीन से होते श्री काशी विश्वनाथ धाम क्षेत्र में पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री ने चल रहे कार्य का निरीक्षण करने के बाद वाराणसी परिक्षेत्र के कमिश्नर दीपक अग्रवाल से कार्य की प्रगति और भवनों के ध्वस्तीकरण अभियान की जानकारी ली। काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र स्थित निर्मल मठ भवन और गोयनका लाइब्रेरी को भी मुख्यमंत्री ने देखा। इस भवन के बाबत मुख्यमंत्री को अफसरों ने बताया कि इसे नहीं तोड़ा जायेगा। काफी पुराने भवन को धरोहर में रखा गया है।

यहां से मुख्यमंत्री चौक थाने में पहुंचे। आधी रात में थाना के मुख्यद्वार पर मुख्यमंत्री को देख ड्यूटी पर तैनात संतरी से लेकर पुलिस अफसर भी दंग रह गये। मुख्यमंत्री ने इसके बाद पूरे थाना परिसर को देखा। जहां अंधेरा रहा वहां मुख्यमंत्री ने टार्च जलवा कर निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह को थाने को बेहतर बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि 1904 में बनी थाना की ऐतिहासिक बिल्डिंग के जीर्णोद्धार पर अफसरों के साथ विचार करके प्रमुख सचिव गृह को जरूरी निर्देश दिए है। उन्होंने बताया कि थाना भवन व पुलिस को आधुनिक किया जाएगा, यह थाना परिसर बाबा दरबार के क्षेत्र में है। इसलिए यहां की बेहतरी को प्राथमिकता में रखा गया है।

इसके पहले मुख्यमंत्री बाबतपुर एयरपोर्ट से सीधे कोईराजपुर स्थित एक निजी विद्यालय में पहुंचे। यहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(आरएसएस)और भाजपा की बेहद गोपनीय बैठक में मुख्यमंत्री ने देर शाम तक भाग लिया। जिसके चलते सर्किट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक नहीं हो पाई। मुख्यमंत्री के साथ जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा, काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह सहित कई अफसर मौजूद रहे।
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और गठित होने वाले न्यास के अध्यक्ष के नाम पर मंथनः संघ की बैठक में मुख्यमंत्री और संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों के बीच किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी जानकारी नहीं दी गई। माना जा रहा है कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और मंदिर के लिए गठित होने वाले न्यास के अध्यक्ष के चयन पर चर्चा हुई। बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह सुरेश राव भैया जी जोशी, सह सरकार्यवाह डा. कृष्णगोपाल की मौजूदगी में मंदिर निर्माण की रूपरेखा बनी। समन्वय बैठक में राम मंदिर निर्माण के लिए बनने वाले ट्रस्ट के स्वरूप पर विस्तार से चर्चा हुईं । बैठक में तय हुआ कि कारसेवा के तर्ज पर मंदिर निर्माण के लिए गांव-गांव अभियान चलाया जाएगा।

बैठक में मुख्यमंत्री की राय ली गई। सम्भावना है कि राम नवमी से राम मंदिर निर्माण कार्य शुरू होगा। कारसेवा की तर्ज पर देशभर में हिन्दू समुदाय से सहयोग लिया जायेगा। समन्वय बैठक में श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर विस्तारीकरण पर भी चर्चा हुई। संघ के पदाधिकारियों ने इस पर आवश्यक सुझाव भी दिया। बैठक में संघ के क्षेत्र प्रचारक अनिल,काशी प्रांत प्रचारक रमेश, भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल, क्षेत्रीय संगठन मंत्री रत्नाकर,विहिप के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय आदि की मौजूदगी रही।

मुख्यमंत्री झारखंड के लिए रवाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संघ की बैठक में भाग लेने और विश्वनाथ कारिडोर का निरीक्षण करने के बाद सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम किया। बुधवार सुबह मुख्यमंत्री झारखंड जाने के लिए एयरपोर्ट रवाना हो गए।