उत्तर प्रदेश

पूरा देश कश्मीर में उलझा रह गया, और सपा-कांग्रेस को बीजेपी ने खामोशी से दे दिया करारा झटका

सोमवार को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को एक और बड़ा झटका लगा है. सपा से राज्यसभा सांसद संजय सेठ ने राज्यसभा और पार्टी से इस्तीफा दे दिया. समाजवादी पार्टी के लिए यह यह बहुत बड़ा झटका इसलिए भी है, क्योंकि संजय सेठ यादव परिवार के बेहद करीबी माने जाते थे. इसके अलावा कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य भुवनेश्वर कलिता ने भी इस्तीफा दिया है. माना जा रहा है कि राज्यसभा सदस्य से इस्तीफा देने वाले दोनों नेता बीजेपी ज्वाइन कर सकते हैं.

उच्च सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति एम वेंकैया नायडू ने नागर, सेठ और कालिता के इस्तीफे के बारे में सदन को जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इन सदस्यों ने दो अगस्त को इस्तीफे दिये जिन्हें स्वीकार कर लिया गया है.

राज्यसभा में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे सुरेंद्र सिंह नागर का कार्यकाल चार जुलाई 2022 तक था. जबकि संजय सेठ सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के करीबी माने जाते थे. उच्च सदन में उनका कार्यकाल भी 2022 तक था. इससे पहले 16 जुलाई को सपा के राज्यसभा सदस्य नीरज शेखर ने भी पार्टी और उच्च सदन की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. नीरज भाजपा में शामिल हो चुके हैं.

वहीं कालिता उच्च सदन में कांग्रेस की ओर से असम का प्रतिनिधित्व कर रहे थे. कालिता का उच्च सदन में कार्यकाल नौ अप्रैल 2020 तक था. इस्तीफों के बाद सभापति ने बताया कि जम्मू कश्मीर के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए नियम 267 के तहत विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद, सपा के रामगोपाल यादव, भाकपा के बिनॉय बिस्वम, माकपा इलामारम करीम, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह तथा कांग्रेस के भुवनेश्वर कालिता ने नोटिस दिये हैं. नायडू ने कहा, चूंकि कालिता ने उच्च सदन की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है इसलिए उनका नोटिस अब कोई मायने नहीं रखता.

 

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