वाराणसी हादसा: अखिलेश के इस ट्वीट से मचा भजपा सरकार में मचा हाहाकार….

अखिलेश यादव. फाइल फोटो

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने वाराणसी हादसे पर दुःख जताने के बाद एक और ट्वीट किया है. उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि ये देश की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले संसदीय क्षेत्र में विकास की सच्चाई. ये हाल तब है जबकि प्रदेशीय मंत्री यहां लगातार तथाकथित निरीक्षण करने आते रहे हैं. उन्होंने सवाल किया कि ‘ये हादसा एक ऐक्सिडेंट है या भ्रष्टाचार का परिणाम’ है. अखिलेश ने इस ट्वीट में पुल बनाने के मामले में भ्रष्टाचार होने की ओर इशारा किया है. इससे पहले अखिलेश ने ट्वीट कर कहा था कि सरकार जिम्मेदारी से न भागे. मामले की ईमानदारी से जांच कराए.

अखिलेश ने किया ये दूसरा ट्वीट
‘ये है देश की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले संसदीय क्षेत्र में विकास की सच्चाई. ये हाल तब है जबकि प्रदेशीय मंत्री यहां लगातार तथाकथित निरीक्षण करने आते रहे हैं. ये हादसा एक ऐक्सिडेंट है या भ्रष्टाचार का परिणाम, आज प्रदेश की सरकार को ये जवाब वाराणसी की जनता को देना ही होगा.’

इससे पहले किया था ये ट्वीट
इससे पहले भी उन्होंने हादसे को लेकर ट्वीट किया था. उन्होंने कहा था कि ‘सपा कार्यकर्ता मौके पर जाकर मदद करें. इसके साथ ही अखिलेश ने अपने ट्वीट में कहा कि सरकार मुआवजा देकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं भागे. मामले की पूरी ईमानदारी से जांच कराए.’ बता दें कि सरकार ने मृतकों के परिवार को पांच-पांच लाख और घायलों को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा की है.

कांग्रेस ने भी जताया दुख
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने भी वाराणसी हादसे पर ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा, वाराणसी हादसे में जिनके प्रियजनों की जानें गईं हैं, उनके साथ संवेदना प्रकट करता हूं. यूपी सरकार द्वारा घोषित 5 लाख रुपए का मुआवजा नाकाफी है. प्रधानमंत्री अपने चुनावक्षेत्र के लोगों का दर्द सुनें और जायजा मुआवजा दें.

इस तरह हुआ था हादसा
15 मई को शाम में हुए हादसे में अब तक कुल 18 लोगों की मौत की खबर है. इनके घर उजड़ गए हैं. हादसे में मारे गए परिवारों के पीड़ितों में हाहाकार मचा हुआ है. बता दें कि यूपी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मंगलवार की शाम एक बड़ा हादसा हो गया. यहां कैंट रेलवे स्टेशन के पास निर्माणाधीन फ्लाईओवर का एक बड़ा हिस्सा गिर जाने से इसकी चपेट में आकर 18 लोगों की मौत हो गई. इस हादसे में कई वाहन दब गए और 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे. अधिकारियों के मुताबिक अभी मरने वालों की संख्‍या में इजाफा हो सकता है. फ्लाईओवर का निर्माण उत्तर प्रदेश स्टेट ब्रिज कारपोरेशन करवा रहा था. मुख्य सचिव (गृह) अरविंद कुमार ने बताया कि एनडीआरएफ की सात टीमों के 325 जवान राहत व बचाव कार्य में लगे हुए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में हुई इस दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया है.

सवालों में प्रशासन
जानकारी के मुताबिक, जिस जगह ये हादसा हुआ, वो काफी व्यस्त ट्रैफिक है. इलाहाबाद, लखनऊ, कानपुर से लेकर सभी लोगों के लिए वाराणसी में एंट्री इसी रास्ते से होती है. अब सवाल ये कि इतने व्यस्तम जगह पर ट्रैफिक पुलिस के क्या इंतेजाम थे? निर्माणाधीन पुल के नीचे से आवागमन को सुनिश्चित कैसे किया गया? फ्लाईओवर का काम चलने के दौरान, नीचे ट्रैफिक रोकने का कोई इंतजाम क्यों नहीं किया गया. क्यों ट्रैफिक डायवर्ट नहीं किया गया?