उत्तर प्रदेश

सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी :  रैगिंग में दोषी सभी दोषी छात्रों के खिलाफ एफआईआर

सपा संरक्षक मुलायम सिंह के गांव सैफई में स्थित मेडिकल यूनिवर्सिटी में जूनियर छात्रों से रैगिंग के मामले में शासन और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के दखल के बाद दोषी पाए गए सात सीनियर छात्रों को तीन महीने के लिए यूनिवर्सिटी से निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ 25-25 हजार रुपये का अर्थदण्ड भी लगाया गया है। साथ ही स्टूडेंट वेलफेयर के डीन कल्बे जाबाद को कार्यमुक्त करके एंटी रैगिंग कमेटी भंग कर दी गई है। शाक्य मुनि छात्रावास में तैनात सभी वार्डनों को निलंबित सभी सुरक्षाकर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है।

 

यूनिवर्सिटी के डीन डॉ. पीके जैन ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता कर बताया कि यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस के सीनियर छात्रों द्वारा जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग किये जाने का मामला सामने आया था। इसके बाद मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई गई। पहली जांच में तो जूनियर छात्रों ने रैगिंग होने की घटना से इनकार किया था लेकिन बाद में कुछ छात्रों ने गोपनीय तरीके से अपने साथ रैगिंग होने की बात को कबूल की और सीनियर छात्रों अभिषेक राणा, अभिषेक सिंह, रितेश सिंह, रूसल नागर, वैभव सिंह, रंजीत कुमार और प्रतीक सिंह के नाम बताये। मामले की दोबारा जांच करवाई गई और जांच में इन्हीं सात सीनियर छात्रों को दोषी पाया गया।इसके बाद दोषी छात्रों पर एंटी रैगिंग एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करवाने के लिए सैफई थाना में शुक्रवार को तहरीर दी गई। सभी दोषी छात्रों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदण्ड लगाते हुए तीन महीने के लिए यूनिवर्सिटी से निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा सीनियर छात्रों के 2018 बैच के सभी छात्र-छात्राओं से पांच-पांच हजार रुपये अर्थदण्ड वसूलने का फरमान सुनाया गया है।

इसके साथ यूनिवर्सिटी में स्थित शाक्य मुनि छात्रावास में तैनात सभी वार्डनों को निलंबित कर सभी सुरक्षाकर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है। मामले की जांच के लिए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाई गई है जिसकी रिपोर्ट तीन दिन के अंदर सामने आएगी। फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की रिपोर्ट सामने आने के बाद दोषी सीनियर छात्रों की संख्या में इजाफा हो सकता है।

 

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