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जूते के फीते तक प्रेस कराकर पहनता है ये परिवार, इनकी दूसरी सुविधाएं कर देंगी और हैरान

दुनिया में कई तरह के लोग पाए जाते हैं, कोई अमीर होता है, कोई गरीब होता है तो कुछ लोग मिडिल क्लास में आते हैं. मगर दुनिया में कुछ ऐसे लोग भी हैं जिनकी लाइफस्टाइल ही उन्हें सबसे खास बनाती है. आज हम आपको ब्रिटेन की रॉयल फैमिली के बारे में बताएंगे जिस परिवार के सदस्य हमारी और आपकी तरह ही सांस लेते हैं लेकिन उनके शाही अंदाज और रहने का तरीका हमारे और आपके रहन-सहन से बहुत ज्यादा परे है. जब आपको इनके रहन-सहन की बातें पता चलेंगी तो आपको भी लगेगा कि यह सब बहुत अजीब है लेकिन यही उनकी शान होती है. हाल ही में मेघन मार्कल और प्रिंस हैरी की शादी हुई. मेघन अब शाही परिवार की बहू हैं और उनके नाम के आगे से सामान्य हटकर स्पेशल लिख दिया गया है. ऐसे में उनके भी राज-ठाठ कुछ अलग ही होंगे. जूते के फीते तक प्रेस कराकर पहनता है ये राज-परिवार, चलिए बताते हैं आपको इनके बारे में.

जूते के फीते तक प्रेस कराकर पहनता है ये राज-परिवार

प्रिंस चार्ल्स के जूतों के फीते होते हैं प्रेस

प्रिंस चार्ल्स के पास अपने पर्सनल 3 नौकर हैं जो उनके ही काम करते हैं. उनका काम ये है कि प्रिंस की वार्डोब में क्या होना चाहिए क्या नहीं ये उनका काम है. प्रिंस के सभी जूतों के फीतों को प्रेस करने की जिम्मेदारी भी उन तीनों की ही है.

आलू परोसने के पहले नापा जाता है

इस पैलेस में आलू के हर टुकड़े को नापा जाता है और हर एक कटपीस की नाप एक जैसी ही होनी चाहिए वरना उसे कोई खाता नहीं है. टेबल पर रखा हर खाना आकर्षक दिखना चाहिए फिर उसे बनने में कितने लोग ही क्यों ना लगे या उसे बनाने में कितना समय ही क्यों ना लगे.

रानी छीन सकती हैं लोगों की हंसी

अगर रानी एलिजाबेथ का निधन हो गया (जो एक दिन होना ही है) तो किसी भी चैनल पर मजाक नहीं किया जाएगा. मतलब वहां के किसी भी चैनल पर कोई कॉमेडी शो या फिल्म नहीं चलाई जा सकती और ये कम से कम 12 दिनों तक चले सकता है. यहां तक बीबीसी भी कोई खुशनुमा शो नहीं दिखा सकता और हर समय बस उनकी डॉक्यूमेंट्री ही दिखाई जाएगी, जिसकी तैयारी हो चुकी है.

नहीं पसंद है मशीन में धुले कपड़े

प्रिंस चार्ल्स और रानी कैमीलिया के को वॉशिंग मशीन में धोए कपड़े नहीं पसंद, बल्कि उनके कपड़ों को हाथ से धुलने के लिए खासतर पर स्पेशल लोगों को रखा गया है. उनका काम सिर्फ इन दोनों के कपड़े को धुलना होता है.

रानी के जूते कोई और पहनता है

ऐसा कहा जाता है कि महलों में रहने वाली किसी की उतरन नहीं पहनती लेकिन यहां की रानी एलिजाबेथ के जूतों को पहले कोई और पहनता है. ऐसा इसलिए कि नये जूते से उनके पैरों में छाले नहीं पड़े और वो इसे पहनकर असहज महसूस नहीं करें.

म्यूजिक के साथ खुलती है नींद

रानी एलिजाबेथ चाहती हैं कि सुबह की नींद उनकी किसी अलार्म से नहीं बल्की बैगपाइपर की आवाज से खुले. ऐसा ही होता है सुबह 7 से 9 बजे तक बैगपाइपर की धुन बजाई जाती है और जब रानी उठ जाती हैं तब वो धुन बजाना बंद करते हैं.

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