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दुखद : नहीं रहे राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल सैनी, 76 साल की उम्र में निधन

 राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य मदनलाल सैनी का निधन हो गया है। वे 76 वर्ष के थे। उन्होंने दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में सोमवार शाम छह बजे अंतिम सांस ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे समेत कई नेताओं ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रदेश भाजपा मुख्यालय का झंडा आधा झुकाया गया है।
सैनी को फेफड़ों में संक्रमण होने के कारण तीन दिन पहले एम्स में भर्ती करवाया गया था। उनको 29 जून 2018 में ही प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। शुक्रवार को ही पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने एम्स में पहुंचकर उनका हालचाल जाना था। सैनी के शव को मंगलवार को श्रद्धाजंलि के लिए भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर रखा जाएगा। इसके बाद उनके पैतृक गांव मालियों के ढाणी सीकर ले जाया जाएगा। जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने संवेदना व्यक्त करते हुए ट्विट किया है- मदनलाल सैनी का निधन भाजपा परिवार के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने राजस्थान में पार्टी को मजबूत करने में योगदान दिया। मेरी संवेदना उनके परिवार और समर्थकों के साथ हैं।
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा है- सैनी के निधन से स्तब्ध हूं। मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों के साथ है। ईश्वर परिवार को दुख सहन करने की शक्ति दें।
पूर्व मुख्यमंत्री राजे ने कहा है- सैनी के निधन का समाचार सुन स्तब्ध हूं, अत्यंत दुखी हूं। उनका यूं हमको छोड़कर चले जाना भाजपा परिवार के लिए ही नहीं मेरे लिए भी अपूरणीय क्षति है। वे पार्टी के एक सच्चे और जामीनी कार्यकर्ता थे। उनमें समर्पण और जनसेवा के भाव थे, जिनके कारण वे अजातशत्रु थे। वो भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका आदर्श जीवन हमेशा हम सभी को प्रेरित करता रहेगा।
सैनी का जन्म सीकर में 13 जुलाई 1943 को हुआ था। सैनी वर्ष 2017 में राज्यसभा सदस्य बने थे। वर्ष 2018 में उनको अशोक परनामी की जगह प्रदेश भाजपा की कमान सौंपी गई थी। सैनी लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे। उन्होंने भारतीय किसान संघ और भारतीय मजदूर संघ में कुछ समय तक कार्य किया। निर्विवाद होने के कारण ही सैनी को तब साल 2018 में प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी गई थी, जब राज्य में वसुंधरा राजे में और आलाकमान के बीच टकराव के चलते प्रदेश अध्यक्ष का पद खाली रहा था। इससे पहले मदन लाल सैनी झुंझुनू के उदयपुरवाटी से एक बार विधायक रह चुके हैं।
वर्ष 1990 में उदयपुरवाटी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से उन्होंने चुनाव लड़ा और विधायक बने। उसके एक साल बाद ही उनको भाजपा ने झुंझुनू का जिला अध्यक्ष बना दिया था। बाद में संगठन में पदोन्नत होते हुए प्रदेश मंत्री और जिला अध्यक्ष बने। ओम प्रकाश माथुर के कार्यकाल में प्रदेश महामंत्री रहे साधारण जीवन शैली अपनाने वाले सैनी बस में ही सफर किया करते थे। एक आम कार्यकर्ता की तरह रहते हुए सैनी ने दो बार लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन दोनों बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा। सैनी को भाजपा ने झुंझुनू से 1993 और 1999 में लोकसभा का चुनाव लड़ाया, लेकिन दोनों ही बार उनको शीशराम ओला के सामने हार का सामना करना पड़ा।
राजनीतिक सफर 
-1952 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक से जुड़े थे। इसके बाद लगातार संघ के विभिन्न संगठनों में सक्रिय रहे। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश मंत्री भी रहे।

– वर्ष 1975 में वकालत का पेशा छोड़ आपातकाल में भूमिगत रहते काम किया। बाद में संघ की ओर से भारतीय मजदूर संघ में भेजा गया। वहां प्रदेश महामंत्री व अखिल भारतीय कृषि मजदूर संघ के राष्ट्रीय महामंत्री का दायित्व निभाया।

– वर्ष 1990 में झुंझुनूं के उदयपुरवाटी विधानसभा से विधायक रहे। 1991 व 1996 में लोकसभा में भाजपा के झुंझुनूं से उम्मीदवार।

– भाजपा में प्रदेश महामंत्री व अनुशासन समिति के सदस्य रहे। वर्तमान में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के प्रदेश प्रभारी भी रहे।

– सादगी के धनी सैनी सीकर से जयपुर आने में अधिकतर समय राजस्थान रोडवेज में सफर करते थे।

– वर्ष 2017 में राज्यसभा सांसद बने। 29 जून 2018 को प्रदेश अध्यक्ष बने।
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