उत्तर प्रदेश

6 घंटे की समीक्षा बैठक के बाद जो बात बोले सिंधिया, वो तो सबको पहले से ही है पता !

लोकसभा चुनाव में पराजय के कारणों पर मंथन के लिए आयोजित समीक्षा बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रदेश में संगठन को मजबूत बनाने के लिए कार्यकर्ताओं से मिली फीडबैक के आधार पर काम होगा। करीब साढ़े 6 घंटे तक चली समीक्षा बैठक में लोकसभा चुनाव में पराजित प्रत्याशियों के अलावा प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकरियों और जिलाध्यक्षों ने भाग लिया। सिंधिया ने कहा कि समीक्षा बैठक में 2022 के विधानसभा चुनावो से पहले होने जा रहे विधानसभा उपचुनावों के लिए उम्मीदवारों के नामो पर चर्चा की गयी।

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि प्रियंका गांधी को 2022 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री का चेहरा बनाये जाने पर पार्टी फैसला करेगी। विधानसभा उपचुनाव और 2022 के विधानसभा चुनाव कांग्रेस अकेले दम पर लड़ेगी और किसी अन्य दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी लेकिन इससे पहले हमारा उद्देश्य प्रदेश में सगठन को मजबूत करना है। सिंधिया ने कहा कि निष्क्रिय पदाधिकारियों की जगह ज़मीनी कार्यकर्ताओं को संगठन में जगह दी जायेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संगठन को मजबूत करने के लिए हमें कोई बड़ा निर्णय लेने में कोई हिचकिचाहट नहीं होगी और हम इस बार बड़े निर्णय लेंगे।

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा है। पार्टी को सिर्फ रायबरेली सीट पर ही जीत मिली वहीँ परम्परागत अमेठी सीट पर भी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। अभी हाल ही में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने रायबरेली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रायबरेली सीट पर जीत का मार्जिन कम होने के कारणों पर मंथन किया था।

प्रियंका गांधी ने कार्यकर्ताओं से जीत का अंतर कम होने को लेकर फीडबैक लिया। उन्होंने कांग्रेस के 40 जिलों के अध्यक्षों और लोकसभा चुनाव लड़े कांग्रेस उम्मीदवारों से बातचीत की। प्रियंका गांधी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि यह जानना बहुत ज़रूरी है कि जनता ने हमे वोट नहीं दिया तो क्यों नहीं दिया, हमारा वोट बजे को गया तो क्यों गया। क्या हमारा संगठन मजबूत नहीं था? या संगठन के लोगों ने काम नहीं किया ? या हम जनता तक पहुँच ही नहीं पाए ?

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