सेहत

क्या डायबिटीज के मरीजों को गुड़ खाने की है आजादी? एक बार जरूर पढ़ें ये हेल्दी जानकारी

दोराय नहीं कि इस दुनिया में जो लोग डायबिटीज के मरीज है, उन्हें अक्सर ही मीठा खाने का मन करता है. अब जाहिर सी बात है कि जिन लोगो को डायबिटीज की कोई फ़िक्र नहीं होती, वो लोग तो बड़े आराम से चीनी या चीनी से बनी वस्तुओ का सेवन कर लेते है और अपनी डायबिटीज को बढ़ा लेते है. मगर जिन लोगो को अपनी सेहत की फ़िक्र होती है, वो लोग ऐसे विकल्प ढूंढते है जिनमे चीनी की मात्रा कम भी हो, लेकिन उनका स्वाद एकदम चीनी जैसा हो. यानि उनका स्वाद एकदम मीठा हो. बरहलाल आपकी जानकारी के लिए बता दे कि अगर आप भी इसी परेशानी से जूझ रहे है, तो अब आपको चिंता करने की कोई जरूरत नहीं, क्यूकि आज हम आपको चीनी के एक बेहतरीन विकल्प के बारे में बताने जा रहे है. जिसका नाम गुड़ है.

जी हां बता दे कि गुड़ न केवल चीनी का एक विकल्प है, बल्कि इसे खाने से कई सारे फायदे भी होते है. वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दे कि गन्ने के रस को उबालने के बाद ही गुड़ बनता है. ऐसे में ये चीनी के मुकाबले ज्यादा फायदेमंद होता है. इसके इलावा इसमें पोटेशियम, आयरन और कैल्शियम जैसे जरुरी पोषक तत्व भी भरपूर मात्रा में शामिल होते है. हालांकि इसका मतलब ये बिलकुल नहीं है कि अगर आपका शुगर लेवल ज्यादा है, तब भी आप गुड़ का सेवन करे. बरहलाल गुड़ में मौजूद आयरन, आक्सिडेटिव स्ट्रेस और ब्लड प्रेशर से लड़ने में मदद करता है. हालांकि अगर आप डायबिटिक से है, तो गुड़ को खुद से जरा दूर ही रखे.

गौरतलब है कि गुड़ में चीनी की मात्रा काफी ज्यादा होती है. यानि अगर हम सीधे शब्दों में कहे तो गुड़ पोषक तत्वों से भरपूर एक स्वीटनर है. मगर चीनी के इस विकल्प में पैंसठ से पच्चासी फीसदी तक सुक्रोज भी पाया जाता है. यही वजह है कि डायबिटीज के मरीजों को गुड़ खाने के लिए मना किया जाता है, क्यूकि इसमें चीनी की मात्रा ज्यादा होती है. इसके इलावा चीनी खाने से शरीर के गलूकोज लेवल पर जो असर पड़ता है, वैसा ही असर गुड़ खाने से भी पड़ता है.

ऐसे में कुछ लोगो का ये मानना है कि अगर वो चीनी की बजाय गुड़ खा लेंगे, तो इससे ब्लड शुगर लेवल को मेंटेन रखने में मदद मिलेगी. मगर वास्तव में ऐसा नहीं होता. जी हां वास्तव में इसके सेवन से ब्लड शुगर लेवल में बढ़ोतरी होने लगती है. अब इसका मतलब तो यही हुआ कि चीनी के किसी भी फॉर्म की तरह गुड़ खाना भी डायबिटिक लोगो के लिए काफी हानिकारक है. हालांकि जिन लोगो को डायबिटीज नहीं है, वो चीनी की बजाय गुड़ का इस्तेमाल कर सकते है, क्यूकि यह एक हेल्दी चॉइस है. वैसे आयुर्वेद भी यही कहता है कि डायबिटीज के मरीजों को गुड़ नहीं खाना चाहिए.

हालांकि फेफड़ो में इन्फेक्शन, खराब गला, माइग्रेन और अस्थमा के इलाज में आयुर्वेद गुड़ का ही इस्तेमाल करता है. मगर इस दौरान भी डायबिटीज के मरीजों को गुड़ खाने की मनाही की जाती है.

Back to top button