धर्म

रावण ने मरते वक्त बताए थे कलयुग के ये 3 भयंकर सच, जान लेंगे तो हैरान रह जाएंगे

रामायण का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. रामायण की किताब लगभग हर हिंदू घर में मिलती है. रामायण में हर एक किरदारों का अपना एक अलग महत्व है. रामायण के बारे में ज़्यादातर लोगों को टीवी, सीरियल या राम-लीला देखकर ही जानकारी मिली है. बहुत लोग किताब पढ़कर भी रामायण में निपुण हुए हैं. टीवी पर आने वाली रामायण रामानंद सागर की बहुत प्रसिद्ध हुई थी. रामायण रामानंद सागर जब टीवी पर आया करता था तब सारे परिवार के लोग इकठ्ठा होकर इसका आनंद लिया करते थे.

रामचरितमानस में कुल 7 कांड वर्णित है. रामायण की कहानी लगभग सभी को पता है. सभी जानते होंगे कि कैसे राम का जन्म हुआ, उन्हें वनवास क्यों हुआ, सीता का हरण किसने किया और फिर रावण का अंत कैसे हुआ. लेकिन अभी भी रामायण में कुछ चीजें ऐसी हैं जिससे आप वंचित हैं. जैसा कि हम सभी जानते हैं रावण का वध भगवान राम ने किया था. लेकिन क्या आप जानते हैं कि जब रावण का वध हुआ था तो उसने मरते समय लक्ष्मण को तीन बातें बताई थी.

जब रावण मरणासन्न अवस्था में था तब भगवान राम ने लक्ष्मण को रावण के पास जाकर उनसे कुछ शिक्षा प्राप्त करने को कहा. दरअसल, रावण की गिनती सबसे बड़े ज्ञानी पंडितों में की जाती हैं. भगवान राम की बात मानकर लक्ष्मण रावण के पास गए. तब महापंडित रावण ने लक्ष्मण को तीन बहुत महवपूर्ण बातें बताई. यह तीन बातें कलयुग में बहुत काम आ रही हैं. कौन सी है वो तीन बातें, आईये जानते हैं.

रावण ने लक्षमण को बताई थी ये तीन बातें

  1. रावण ने मरते समय लक्ष्मण को यह कहा था कि जीवन में शुभ कार्यों को जल्द से जल्द पूरा कर लेना चाहिए और अशुभ काम को जितना हो सके टालते रहना चाहिए. मेरा आज यह हाल इसीलिए हैं क्योंकि मैं भगवान श्री राम को पहचान नहीं सका और उनकी शरण में आने में देरी कर दी. शिक्षा- कभी भी कोई अच्छा काम करने से पहले ज्यादा सोच-विचार नहीं करना चाहिए और बुरे ख्यालों को खुद से दूर रखना चाहिए.
  2. रावण ने दूसरी बात यह बताई कि व्यक्ति को हमेशा दूसरों को अपने से ऊपर समझना चाहिए. उसे कभी भी अपने दुश्मन को छोटा या कमज़ोर नहीं समझना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि मैं जिन्हें बंदर और भालू समझता रहा उन्होंने मेरी पूरी सेना को मार गिराया. शिक्षा- अपने दुश्मनों को कभी भी छोटा या कमजोर ना समझें. वह कभी भी आपको मात दे सकता है.
  3. रावण ने तीसरी और आखिरी बात ये कही कि कभी भी अपने जीवन का कोई भी राज़ किसी दूसरे को नहीं बताना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि विभीषण पर विशवास करके मैंने उसे मेरी मृत्यु का राज़ बताया था और मेरी ये गलती मेरे विनाश का कारण बन गयी. शिक्षा- इसलिए कभी भी अपना राज दूसरों के साथ शेयर ना करें. वह आपको किसी भी पल धोखा दे सकता है.
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