सेहत

रमजान : रोजा रखना सेहत से लिए होता है बेहद फायदेमंद, ऐसे रखे अपनी डाइट का ध्यान

Iftar

रमजान का महीना  शुरु हो रहा है। इस महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग पूरे महीने रोजे रखते हैं। इसमें मुस्लिम सुबह सहरी के वक्त खाना खाते हैं और फिर पूरे दिन कुछ भी खाते पीते नहीं। फिर शाम को इफ्तार के बाद रोजा खोला जाता है। बताते चले लेकिन रमजान के पवित्र महीने में रोजा रखने से सिर्फ इबादत ही नहीं होती, बल्कि इससे सेहत को भी कई फायदे पहुंचते हैं। यही कारण है कि रमजान के अलावा भी कई मुस्लिम और गैर मुस्लिम लोग मानसिक और शारीरिक रूप से सेहतमंद रहने के लिए रोजा या व्रत करते हैं। आइए जानते हैं रमजान में रोजा रखने से सेहत को किस तरह फायदा पहुंचता है।

1. वजन कम होता है- मोटापा आजकल अधिकतर लोगों की समस्या है। लेकिन आप रोजा रखकर बढ़ते हुए वजन को कंट्रोल कर सकते हैं।यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास की स्टडी के मुताबिक, खाली पेट रहने या कम मात्रा में खाने से शरीर की सूजन कम होती है, ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और वजन भी कम होता है। स्टडी के मुताबिक, फास्ट करने से शरीर की कोशिकाओं पर स्ट्रेस पड़ता है. इससे वजन कम होने में मदद मिलती है।

2. खजूर है जरूरी- रमजान में खजूर का खास महत्व होता है। इस्लाम में रोजा खोलने के लिए खजूर का इस्तेमाल करने के लिए कहा गया है।खजूर खाने से सेहत को भी बहुत फायदा होता है। खजूर खाने से शरीर को एनर्जी मिलती है. खजूर में मौजूद फाइबर से डाइजेशन बेहतर होता है। इसके साथ ही खजूर में पोटैशियम, मैग्नीशियम और विटामिन बी भी पाया जाता है, जो सेहत के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है।

3. कोलेस्ट्रोल कम होता है- हेल्थ एक्सपर्ट का मानना है कि रमजान के रोजे रखने से वजन कम होने के साथ-साथ शरीर में कोलेस्ट्रोल का स्तर भी कम होता है। कोलेस्ट्रोल कम होने से दिल सेहतमंद रहता है। साथ ही हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रहा जा सकता है।

4. मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है- रोजे के दौरान दिनभर भूखे प्यासे रहने से मेटाबॉलिज्म बेहतर तरीके से काम करने लगता है। इससे खाने के ज्यादा से ज्यादा न्यूट्रिएंट्स शरीर को मिलते हैं। रमजान में लंबे समय तक भूखे रहने के बाद देर शाम खाने से शरीर में Adiponectin हार्मोन बनता है, ये शरीर को ज्यादा न्यूट्रिएंट्स एब्जोर्ब करने में मदद करता है।

5- बुरी आदतों से छुटकारा- बुरी आदतों से छुटकारा पाने के लिए रमजान सबसे अच्छा समय होता है. रोजे रखने के बाद व्यक्ति धूम्रपान, तंबाकू, मीठी चीजों के सेवन से सुरक्षित रहता है। UK नेशनल हेल्थ सर्विस के मुताबिक, धूम्रपान, अल्कोहल और तंबाकू की लत को दूर करने के लिए रमजान सबसे अच्छा समय है।

31 मई को होगा जुमा अलविदा का रोजा
जुमा अलविदा का रोजा शुक्रवार 31 मई को होगा। इस दिन सहरी का वक्त भोर के 3 बज कर 51 मिनट और इफ्तार का वक्त शाम 7 बज कर 11 मिनट पर होगा। ये दिल्ली का समय है। स्थान अनुसार समय में थोड़ा परिवर्तन हो सकता है। हालांकि इसमें कुछ मिनटों का ही फर्क होगा।

रमजान के तीन अशरे
रमजान का पका महीना तीन अशरे में बंटा होता है। तीस दिन के इस महीने में तीन अशरे दस-दस दिन के होते हैं। पहले दस रोजे तक पहला अशरा, उसके बाद के दस दिन के लिए दूसरा अशरा और अंतिम दस दिन के लिए तीसरा अशरा होता है। रमजान में रोजा रखने के पीछे कारण खुद को सांसारिक सुखों से दूर रखे की तपस्या होती है। भूख,प्यास और सोहबत से खुद को रोक कर दिखाना बेहद पाक माना जाता है और यही जन्नत का रास्ता रोजेदारों के लिए खोलता है। इस पूरे माह रोजेदार सिर्फ खुदा की इबादत ही करते हैं।

रोजे में डाइट का रखें ध्यान
रोजे के वक्त डाइट ऐसी हो जो सुपाच्य हो और कम प्यास लगाने वाली हो। इसके लिए तरबूज, खीरा, ककड़ी सहरी में जरूर खाएं। इफ्तार में एकाएक बहुत सा पानी न पीएं बल्कि धीरे-धीरे रुक-रुक कर पानी पींए। चाहें तो नींबू-नमक और चीनी का पानी पीएं ताकि ये डिहाइड्रेशन से आपको बचाए रखें। इफ्तार में खजूर खाना बहुत अच्छा होगा। इसके बाद आप प्रोटीन रिच डाइट लें लेकिन तले या मसालेदार की जगह भूने हुए लें।

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