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पुलवामा अटैक: वीरों की शहादत पर 4 लड़कियों ने मनाया जश्न, लड़का बोला- चिकन डिनर हो गया !

जवानों की शहादत पर जश्न मनाने वाले लोगों पर खास ध्यान रखा जा रहा है.

जम्मू कश्मीर में हुए आतंकी हमले से पूरे देश के लोगो में आक्रोश है,. सड़को पर पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लोग लगा रहे है इस बीच  लोगों ने पाकिस्तान का पुतला फूंककर अपना गुस्सा जाहिर किया और केंद्र सरकार से आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने की मांग की। लवामा में आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों के लोगों ने श्रद्धांजलि दी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गुरूवार को आतंकी हमले में घायल हुए 30 जवानों में से चार गम्भीर रूप से घायल जवानों ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था.

वही  दूसरी ओर ऐसे गद्दारों की भी कोई कमी नहीं है जो इस भयावह दुख की घड़ी में कई लोग जश्न मना रहे हैं. देशभर से ऐसे तमाम मामले सामने आ रहे हैं, जिसमें देश के गद्दार देश के वीर सपूतों की शहादत पर खुशियां मना रहे हैं. इसी कड़ी में राजस्थान के जयपुर से एक और मामला सामने आया है.

यहां के चंदवाजी स्थित निम्स विश्वविद्यालय (NIMS) में पढ़ने वाली मेडिकल की चार छात्राओं ने वॉट्सऐप पर जवानों की शहादत पर जश्न मनाया था. बताया जा रहा है कि इन देश के गद्दारों ने वॉट्सऐप स्टेटस पर राष्ट्रविरोधी सामग्री लगाई थी, जिसके बाद वह कॉलेज के अन्य छात्र-छात्राओं के पास पहुंच गई. जिसके बाद कॉलेज में गद्दार छात्राओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन किया गया.

छात्राओं पर आरोप है कि उन्होंने देश विरोधी नारे भी लगाए थे

मामले में विश्वविद्यालय ने चारों गद्दार छात्राओं को निलंबित कर पुलिस के हवाले कर दिया. पुलिस ने चारों कश्मीरी छात्राओं को कस्टडी में ले लिया है. उधर एक अन्य मामले में देहरादून के रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले कैशर राशिद को भी निलंबित कर दिया गया है. देश के इस गद्दार ने वॉट्सऐप पर जवानों की शहादत पर बेहद ही शर्मनाक बातें लिखीं थी. देश के इस गद्दार ने लिखा था, ‘आज खुश हूं, आज तो चिकन डिनर हो गया.’ विश्वविद्यालय ने कैशर राशिद के इस शर्मनाक बयान पर उसे निलंबित कर दिया है और इसके साथ ही उससे जवाब भी मांगा गया है.

बता दें कि देश के कोने-कोने से ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं, जिसमें लोग पुलवामा हमले में जवानों की शहादत पर जश्न मना रहे हैं. जवानों की शहादत पर जश्न मनाने वाले लोगों पर खास ध्यान रखा जा रहा है और बिना कोई लापरवाही किए ऐसे लोगों पर सख्त से सख्त कार्रवाई भी की जा रही है. ऐसे ज्यादातर मामले कश्मीरी लोगों से ही जुड़े हुए हैं.

 

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