सेहत

गर्भवती महिलाएं रोजाना करें ये खास काम, माँ और बच्चा दोनों रहेंगे स्वस्थ

अधिकतर महिलाएं सामान्य प्रसव कराना चाहती हैं लेकिन कई बार परिस्थितियां उन्हें सिजेरियन प्रसव के लिए मजबूर कर देती हैं। गर्भावस्था के दौरान खान पान का ध्यान रखने के साथ ही कुछ व्यायाम किए जाएं तो सामान्य प्रसव की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं। डॉक्टर बताती हैं कि गर्भास्था के दौरान आखिर के महीनों में महिला को अधिक समय तक खड़े रहने से परहेज करना चाहिए। दरअसल ज्यादा देर तक खड़े रहने से नीचे की ओर बच्चे पर स्थाई गुरूत्वीय बल पड़ता है, जो सही नहीं है।

इस बीच बताते चले प्रेग्नेंट होने के बाद महिलाओं को कई चीजों का खास ख्याल रखना होता है। बादाम तेल के नियमित सेवन से एक ओर जहां दिल से जुड़ी बीमारियों के होने का खतरा कम हो जाता है वहीं ये दिमागी सेहत के लिए भी फायदेमंद है। एनिमिया की शिकायत को दूर करके ये इम्यून सिस्टम को भी बूस्ट करने का काम करता है।

बादाम तेल के फायदे:

# बादाम के तेल में ओमेगा-6 फैटी एसिड्स होते हैं। ओमेगा-6 दिमाग की सेहत के लिए एक आवश्यक तत्व है। इससे दिमाग को पोषण मिलता है।

# अगर आपका हीमोग्लोबिन कम है तो आज से ही बादाम के तेल को अलग-अलग रूपों में लेना शुरू कर दें। इसमें भरपूर मात्रा में आयरन होता है, जो हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाने का काम करता है।

# बादाम तेल के सेवन से कोलेस्ट्रॉल संतुलित रहता है। बादाम के नियमित सेवन से दिल से जुड़ी बीमारियों के होने का खतरा कम हो जाता है।

# गर्भावस्था में बादाम तेल के सेवन से डिलीवरी के नॉर्मल होने की संभावना बढ़ जाती है। इसमें मौजूद फॉलिक एसिड, आयरन, कैल्शियम और दूसरे पोषक तत्व मां और बच्चे दोनों को फायदा पहुंचाते हैं।

मसालेदार चीजों से परहेज गर्भावस्था के दौरान तली हुई और मसालेदार चीजों का सेवन न करें। ताजे फल खाएं। अनानास, पपीता और आम में ब्रोमेलीन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है और ब्रोमेलीन गर्भाशय की ग्रीवा के लिए एक बहुत ही अच्छा एनजाइम है। जकड़न का अनुभव करने पर गर्भवती को नियमित रूप से आधे घंटे टहलना चाहिए। नियमित रूप से तेज चलने से मांसपेशियां दुरूस्त रहती हैं, जो सामान्य प्रसव के लिए बड़ा जरूरी है। सामान्य प्रसव के लिए हिम्मत और ताकत की जरूरत होती है, इसके लिए हृदय के व्यायाम जरूरी हैं। लेकिन कोई भी व्यायाम केवल डाक्टर की सलाह पर ही करें। नियमित योग भी सामान्य प्रसव की ओर जाने में मदद करता है। दरअसल योग से सांस और दिल की धड़कन नियंत्रित होती है।

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