जरा हट के

मंडप में दुल्हन के बाप से बोला दूल्हा- मेरी बात मानो वरना नहीं डालूंगा सिंदूर

कुछ खबरें ऐसी होती हैं, जिन पर भरोसा करना नामुमकिन सरीखा होता है. ज्यादातर ऐसी खबरें रिश्तों को शर्मसार करने वाली होती हैं, जिनके बारे में जानकर सबका सिर शर्म से झुक जाता है.

शादी के लिए आया दूल्हा तो दुल्हन देखकर शर्मायी, उसके बाद जयमाले की रस्म निभाई गई. जयमाल के बाद जब दूल्हा शादी के मंडप पर पहुंचा और ठीक सिंदूरदान से पहले दुल्हन के पिता से दहेज में और पैसे देने की मांग करते हुए जिद पर अड़ गया कि जब तक पैसे नहीं मिलेंगे, वह दुल्हन की मांग में सिंदूर नहीं भरेगा. दहेज लोभी दूल्हे की मांग को सुनकर दुल्हन ने शादी करने से इंकार करते हुए कहा कि ऐसे घर में नहीं जाऊंगी, जहां दहेज के लिए मुझे परेशान किया जाएगा. लड़की की बात सुनकर शादी में शामिल लोगों ने भी सहमति जताई. यह सब सुनकर दूल्हा बारात के साथ भागने को तैयार था, लेकिन ग्रामीणों ने सबको बंधक बना लिया और कहा कि जब तक दी गई रकम वापस नहीं करेंगे, तब तक छोड़ नहीं सकते.

घटना सुपौल जिले के परसरमा गांव की है, जहां गांव की एक लड़की की शादी अनुमंडल थाना क्षेत्र के हृदयनगर निवासी बेचन शर्मा के 22 वर्षीय पुत्र पौनु कुमार शर्मा के साथ तय हुई थी. दोनों पक्षों की सहमति के बाद सोमवार को वर पक्ष बरात लेकर कन्या पक्ष के घर पहुंचा था. दूल्हा व बरात के पहुंचते ही लड़की पक्ष द्वारा अपने सामथ्र्य के मुताबिक बरातियों का स्वागत किया गया. नाश्ता-पानी के बाद वरमाला की रस्म भी हिंदू रीति-रिवाज के साथ संपन्न हुई, लेकिन इस शादी पर तब अचानक ग्रहण लग गया जब दूल्हे ने शादी की अन्य रस्म निभाने से पूर्व दहेज की मांग रखते हुए शादी से इन्कार कर दिया.

दूल्हे ने भागने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों ने दूल्हा सहित सभी बरातियों को विद्यालय में एक कमरे के अंदर बंद कर दिया. अब समाज के गणमान्य लोगों के द्वारा अब इस बात की कोशिश की जा रही है कि कम-से-कम लड़की पक्ष द्वारा शादी समारोह के आयोजन में हुए खर्च की भरपाई लड़का पक्ष द्वारा की जाए, ताकि दहेज लोभियों को समाज के द्वारा सबक सिखाया जा सके.

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