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बेटे का स्कूल बैग तक न खरीद सकता था गरीब बाप, पढ़ाई ना छूटे इसलिए लगाई ये जुगाड़

स्कूल जाना हर बच्चे का हक़ हैं. ये उसका भविष्य निर्धारित करता हैं. जो बच्चा स्कूल नहीं जाता हैं उसका भविष्य हमेशा अंधकार में ही रहता हैं. हम आम लोगो की सोच भी यही होती हैं कि बच्चों को स्कूल जरूर भेजना चाहिए. हालाँकि पैसो के आभाव में कई गरीब बच्चे स्कूल जाने से वंचित रह जाते हैं. मसलन स्कूल की ड्रेस, किताबें, जूते और बैग इत्यादि खरीदने के भी उनके पास पैसे नहीं होते हैं. लेकिन हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया हैं जहाँ एक गरीब बच्चे के पेरेंट्स ने अपने बेटे को किसी भी हाल में पढ़ाई लिखाई करवाने की ठान ली थी. उस बच्चे के पास एक स्कूल बैग नहीं था और उनके माता पिता के पास इसे खरीदने के लिए पैसे भी नहीं थे. अब बिना स्कूल बैग के बच्चा पढ़ने भी नहीं जा सकता हैं. ऐसे में गरीब पिता ने अपने बेटे की स्कूली पढ़ाई बचाने के लिए कुछ ऐसा कर दिखाया कि अब उसकी पूरी दुनियां में तारीफ होने लगी हैं.

मामला कम्बोडिया का हैं. यहां की ही एक टीचर ने सोशल मीडिया पर स्कूल बैग की कुछ ख़ास तस्वीरें शेयर की हैं. ये तस्वीरें एक ख़ास वजह से बहुत तेजी से वायरल हो रही हैं. टीचर ने लिखा हैं कि ऐसा कई बार होता हैं जब गरीब बच्चे के माता पिता उसके स्कूल की जरूरत की बेसिक चीजें ही नहीं खरीद पाते हैं. स्कूल बैग, पेन्सिल, रबर, पानी की बोतल इत्यादि चीजें खरीदने के उन लोगो के पास पैसे ही नहीं होते हैं. ऐसे में वे बच्चे को स्कूल भेजने का अपना इरादा बदल देते हैं. लेकिन आप ऐसा ना करे. बल्कि केंग (गरीब छात्र) के पिता की तरह नए विकल्प की तलाश करे. चलिए अब हम इस मामले को थोड़ा और विस्तार से समझाते हैं.

5 साल का एनवाई केंग कम्बोडिया के एक स्कूल में पढता हैं. केंग के घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं हैं. ऐसे में जब वो एक दिन स्कूल पहुंचा तो सबकी निगाहें उसके यूनिक बैग के ऊपर थी. एक साधारण बैग की कीमत कम्बोडिया में 30000 Riels मतलब 488 रुपये हैं. ऐसे में केंग के माता पिता उसे स्कूल बैग नहीं दिला सकते थे. लेकिन इस छोटी सी वजह से वो केंग का स्कूल भी बंद नहीं कराना चाहते थे. फिर ऐसे में उनके पिता ने Raffia String के माध्यम से ही केंग के लिए घर पर एक स्कूल बैग तैयार कर दिया. नतीजा ये हुआ कि अब केंग का ये घर बना बैग बाजार के फेंसी बैग से भी कही ज्यादा खुबसूरत दिखाई दे रहा हैं. एक पिता के प्यार और क्रिएटिविटी के चलते उनका बेटा अब स्कूल में ख़ुशी ख़ुशी और अच्छे से पढ़ाई कर पाता हैं.

उधर इंटरनेट पर जब ये तस्वीरें और स्टोरी वायरल हुई तो लोग केंग के पिता की तारीफ़ करने लगे. एक स्टडी के अनुसार दुनियांभर में 6 करोड़ बच्चे गरीबी के चलते प्राथमिक स्कूल नहीं जा पाते हैं. इनके घर वाले अपनी आर्थिक स्थति से झुझते रहते हैं और बच्चों को स्कूल नहीं भेज पाते हैं. ऐसे में यदि हम और आप लोग इन गरीब बच्चों को यदि पैसो की बजाए स्कूल सामग्री इत्यादि डोनेट करे लगे तो कितने मासूमो का भविष्य बन जाएगा.

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