उत्तर प्रदेश

सुनिए इस बेटी के बेबस बाप की गुहार, ‘हमें मौत दे दो सरकार’

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में आर्थिक तंगी और बेटी की बीमार के इलाज में मकान बिक जाने से दुखी परिवार ने सरकार से इच्छा मृत्यु की मांग की है। पूरा मामला जिले के जलेसर रोड पुरा लोधी का है, जहां एक मजदूर के पास रुपए नहीं होने की वजह से वह अपनी बेटी का बोन मैरो ट्रांसप्लांट नहीं करवा पा रहा है। जिसकी वजह से उसकी बेटी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है।

मजदूर पिता ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखा था पत्र

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, आगरा जिले के जलेसर रोड पुरा लोधी इलाके का निवासी सुमेर सिंह मजदूरी करता है और इससे ही परिवार का गुजर बसर हो रहा है। पिछले दो साल से सुमेर अपनी 16 साल की बेटी ललिता का इलाज करा के थक चुका है। ललिता को एप्लास्टिक अनीमिया नाम की गंभीर बीमारी है। जिसमे शरीर मे खून बनना बंद हो जाता है।

इस बीमारी में पीड़ित को जिंदा रखने के लिए हफ्ते में एक बार खून चढ़ाया जाता है। इसी के चलते सुमेर सिंह अब तक लाखों रुपए बेटी के इलाज में खर्च कर चुके हैं। पीड़ित पिता ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखा जिसके बाद प्रधानमंत्री राहत कोष से 3 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई।

यह राशि जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल में ट्रांसफर भी कर दी गई, लेकिन पीड़ित बेटी को राहत नहीं मिली। आयुष्मान योजना केंद्र पहुंचने के बाद लिस्ट में नाम न होने से इलाज के लिये कार्ड नहीं बना और न ही इलाज मिल सका। हर तरफ से निराश पिता ने सरकार से बेटी के लिए इलाज या फिर परिवार सहित इच्छा मृत्यु की मांग की है।

वहीं, मुख्य चिकित्साधिकारी मुकेश कुमार वत्स का कहना है कि अगर परिवार हमसे मुलाकात करता है तो हम हर संभव मदद करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री राहत कोष तक से इलाज कराया जा सकता है, बेटी के लिए खून की कमी भी नहीं होने दी जाएगी।

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