उत्तर प्रदेश

एम्बुलेंस न आई तो बुजुर्ग को चारपाई समेत कंधे पर उठा लिए पुलिसवाले, 3 किमी पैदल चल कराया इलाज

उत्तर प्रदेश पुलिस की छवि को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं लेकिन इटावा से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो यह सोचने पर मजबूर कर देगी कि एक-आध घटनाओं के कारण हमने पुलिस के प्रति गलत सोच तो नहीं बना ली? ऐसा हम इसलिए कह रहे कि चंबल के बाढ़ग्रस्त इलाके में बीमार 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला तक एम्बुलेंस नहीं पहुँच पायी तो थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ पहुंचे और बुजुर्ग को चारपाई पर रखा और 3 किमी पैदल चलकर उनको एम्बुलेंस तक पहुंचाया.

चंबल की बाढ़ से घिरे कायंछी गॉव की 75 साल की बुजुर्ग महिला रूपरानी भदौरिया गंभीर रूप से बीमार हो गईं थी. उनको लेने के लिए एंबुलेंस तो आई, लेकिन वह एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी. इस बात की जानकारी भरेह थाना प्रभारी सतीश राठौर को हुई तो वे दारोगा भगवत स्वरूप और तीन आरक्षियों को साथ लेकर पैदल ही गांव तक पहुंचे और महिला को चारपाई के माध्यम से एंबुलेंस तक पहुंचाया गया.

रूपरानी लीवर की बीमारी से काफी दिनों से परेशानी थी. चंबल में बाढ़ आ जाने के कारण उपचार के लिए जा नहीं पाई. गांव का रास्ता बिल्कुल खराब हो चुका है. कोई भी वाहन वहॉ तक नहीं पहुंच सकता है. केवल पैदल ही यात्रा की जा सकती है. रूपरानी को एंबुलेंस से लेकर उनके बेटे फतेहसिंह, धन्नू, हरी और मन्नू लेकर राजपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे जहॉ पर डाक्टरों ने उनका उपचार किया.

इस मामले पर एसएसपी संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि भरेह थाना पुलिस यह कार्य ना केवल सराहनीय है बल्कि पुलिस की मददगारी छवि को भी उजागर करता है. इसलिए निर्णय लिया गया है कि भरेह थाना प्रभारी समेत सभी संबंधित पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया जाएगा.

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