‘Fast & furious’ से ली प्रेरणा, सिर्फ ढाई मिनट में पार कर देते थे पूरा ATM

देशभर में बढ़ रहे एटीएम चोरी की घटना से पुलिस प्रशासन परेशान है. जिसके बाद महाराष्ट्र में पुलिस द्वारा एक स्पेशल टीम का गठन किया गया हैं. इस टीम की लगातार कोशिशों से आख़िरकार पुणे और आसपास के इलाकों से अब तक 7 एटीएम चुराने वाले पांच स्कूल ड्रॉपआउट्स के गैंग को धर दबोचा है.

कोंधवा पुलिस ने पांचों आरोपियों को अक्टूबर-दिसंबर के बीच खड़ी मशीन चौक से दो एटीएम चुराने के आरोप में गिरफ्तार किया है, जिनमें 21 लाख रुपये की राशि थी. पुलिस ने आरोपियों के पास से एक एटीएम को बरामद किया है. सभी आरोपी कर्नाटक के बेलगवी के निवासी हैं. सबसे पहले गैंग के सरगना दिलीप मोरे को कोल्हापुर से गिरफ्तार किया गया था. पूछताछ के दौरान उसने चोरी की बात कबूली और अपने चार साथियों के नाम भी उजागर किए जिन्हें फौरन कोल्हापुर से हिरासत में लिया.

Fast & furious से प्रेरित होकर किए एटीएम चोरी

पुलिस ने बताया कि इस चोरी की प्लानिंग इस गैंग ने बहुत पहले से की थी. इस चोरी का मास्टर माइंड दिलीप मोरे 1993 में चंदन चोरी के मामले में जेल की हवा खा चुका है, इस मामले में कोर्ट केस के दौरान उसकी पहचान गैंग के बाकी लोगों से हुई थी. 2012 में एक स्कॉर्पियो गाड़ी चोरी की थी, इस गैंग में एक साथीदार ट्रक मैकनिक है, जिसकी मदद से इन सभी ने स्कॉर्पियों का गाड़ी को मॉडिफाइड करके चोरी करने के उद्देश्य से गाड़ी को नई तकनीक दी गई थी. गाड़ी में हायड्रॉलिक नामक ऑटोमिटक सिस्टिम बैठाया गया था, जिसके जरिए स्कॉर्पियों गाड़ी के अंदर एटीएम मशीन अपने आप अंदर चली जाती थी.इसका आइडिया उन्हें हॉलिवुड की प्रसिद्ध ऐक्शन फिल्म फास्ट ऐंड फ्यूरियस के चौथे पार्ट से मिला.

इस चोरी को अंजाम देने से पहले एटीएम सेंटर की रेकी करने के बाद वहां पर मौजूद सीसीटीवी कैमरे का वायर कट कर दिया जाता था. साथ ही यह सभी अपने-अपने मोबाइल स्विच ऑफ करके चोरी करते थे, जिससे पुलिस को चोरों का लोकेशन और उनकी पहचान का लिंक न मिल सके. एटीएम मशीन में हुक लगाने के बाद गाड़ी को झटका दिया जाता था, जिससे एटीएम मशीन सीधे गाड़ी के अंदर चला जाता था. इस तकनीक के जरिए सिर्फ ढाई मिनट में यह पूरी चोरी की अंजाम दिया जाता था.