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मोदी के ‘गालिब’ अंदाज पर सवाल उठाए जावेद अख्तर, लोग बोले- इस बात पर अवार्ड वापिस कर दो

प्रधानमंंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को विपक्ष को राजनीति का चश्मा उतार कर घटनाक्रम का आकलन करने और सरकार के हर कदम का विरोध नहीं करने की सलाह दी थी, इस दौरान उन्होंने राज्यसभा में विपक्ष के नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद को मुखातिब करते हुए एक शेर पढ़ा- ‘‘ताउम्र ग़ालिब यह भूल करता रहा, धूल चेहरे पर थी आईना साफ़ करता रहा।’’

बताते चले राज्यसभा में पीएम मोदी के शेर सुनाने के बाद सोशल मीडिया पर इसको लेकर काफी चर्चाएं हो रही है। इन सब के बीच  इस बीच गीतकार जावेद अख्तर ने ट्विटर पर ट्वीट कर कहा, च्प्रधानमंत्री साहेब ने राज्यसभा में भाषण के दौरान जिस शेर को गालिब के नाम से कोट किया है वह सोशल मीडिया की तरफ से गालिब के नाम के साथ गलत जोड़ दिया गया है। वास्तव में दोनों लाइनें सही मीटर में भी नहीं है।ज् जावेद अख्तर का बस इतना लिखते ही सोशल मीडिया पर ट्रोलर्स ने उनकी खूब क्लास लगाई।

 

सोशल मीडिया पर मौजूद लोगों ने जावेद को ट्रोल करते हुए लिखा कि जावेद साहब हम आपका बहुत सम्मान करते हैं, लेकिन ये सब आपको शोभा नहीं देता।


वहीं एक और यूजर ने जावेद के ट्वीट पर कहा कि तुम ग्रामर देखो, लोगों को जो समझना था समझ गए. वहीं कुछ यूजर्स ने उन्हें सीरिया और इराक जाने तक की नसीहत भी दे डाली।

एक अन्य यूजर @Manjuarun98 ने लिखा की शेर पूरा 56 मीटर का था ..शिकार भी सही किया है उसने। वही एक अन्य यूजर @NickNirav1 ने लिखा, ‘इस बात पे अवार्ड वापिस कर दो ना या कोई शरम हो तो तीन तलाक बिल का समर्थन कर दो लेकिन आपसे नहीं हो पाएगा तो कृपिया मुह बंद रखो Communal शायर

यूजर @H_kumar1 ने लिखा, ‘आप शायरी अच्छी करते हैं मोदी जी देश का नेतृत्व अच्छा करते हैं। ना आपको उनका काम आता ना उनको आपका। वैसे किसी शेर को पढ़ने के लिए जरूरी थोड़ी है कि पढ़ने वाले को मीटर का भी ज्ञान हो।’

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