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PM ने कांग्रेस पर किया जो तंज, वो काट गया होगा भीतर तक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस के साथ एक खास बातचीत की है. स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर दिए इस इंटरव्यू ने कई मुद्दों पर बात की. इसी दौरान पीएम ने कांग्रेस पर एक ऐसा तंज कस डाला, जो कांग्रेस नेताओं को काफी चुभा होगा.

दरअसल बात हो रही थी 2019 के चुनावों में बीजेपी को मिली अप्रत्याशित और रिकॉर्डतोड़ जीत की. इसी पर पीएम बोले कि,

कुछ ऐसे लोग हैं, जो अपने पूर्वाग्रह, विचारधारा या किसी प्रकार की प्रतिबद्धताओं के कारण उन लोगों की हार को लेकर तर्क गढ़ लेते हैं, जिन्हें वे पसंद नहीं करते. एक ऐसा समय आता है, जब सच्चाई जमीन पर नजर आती है, लेकिन ये लोग उस सच्चाई को दरकिनार करना पसंद करते हैं. वे लोगों के मन में भ्रम पैदा करने के लिए झूठ और फर्जी आंकड़ों का सहारा लेते हैं.

ये ही वही लोग हैं, जो ऐसी बातें गढ़ते हैं कि भाजपा को बहुमत हासिल नहीं होगा, भाजपा सरकार बना लेगी, लेकिन उसे एक नए नेता की जरूरत है, भाजपा को नए गठबंधनों की जरूरत है, आदि आदि. ये लोग उन्हें भी बदनाम करते हैं, जो इनकी बात का समर्थन नहीं करते. ऐसे लोग बार-बार बेनकाब हुए हैं, लेकिन उनके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं हुआ. हमारे देश में इन लोगों द्वारा किए जाने वाले चुनावी विश्लेषणों में पार्टियों, संभावित गठजोड़ों, दशकों पुरानी केमिस्ट्री पर आधारित परिवारों के ग्लैमर को ध्यान में रखा जाता है. लेकिन लोगों और उनकी आकांक्षाओं को नजरअंदाज कर दिया जाता है. 2014 में और 2019 में भी जिन लोगों ने जनता से बात की और उनकी प्राथमिकताओं को जाना, वे जानते थे कि क्या हो रहा है.

जहां तक हमारा सवाल है, हम चुनाव जीतने के लिए काम नहीं करते, हम लोगों का विश्वास जीतने के लिए काम करते हैं. सरकारी धन से ज्यादा जनता के मन की ताकत होती है. हम लोगों के कल्याण पर ध्यान देते हैं, चुनाव परिणाम इसी का नतीजा होते हैं. पिछले 20 सालों से, मैं कई चुनाव अभियानों में सक्रिय रूप से शामिल रहा हूं और इनमें से ऐसा एक भी चुनाव नहीं था, जब मेरी हार की भविष्यवाणी नहीं की गई.

कई लोग हैं, जो सर्वनाश की भविष्यवाणी करते हैं और मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं. विशेष रूप से 2019 की बात करूं तो मैं आपको बता सकता हूं कि मैं चुनाव में हमारी संभावनाओं को लेकर काफी आश्वस्त था. यह विश्वास हमारी सरकार के ट्रैक रिकॉर्ड, और हमने सुशासन और विकास के एजेंडे पर जिस प्रकार काम किया, उससे उपजा था.

मैं जहां कहीं भी गया, मैंने भाजपा और राजग के लिए भरपूर सहयोग देखा. लोगों ने यह तय कर लिया था कि 21वीं सदी में भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और वंशवाद की राजनीति स्वीकार्य नहीं है. हम विकास और प्रदर्शन की राजनीति के युग में रहते हैं, बयानबाजी और प्रतीकवाद के पुराने दौर में नहीं?

अंत में मोदी ने कांग्रेस पर एक तंज भी कसा. उन्होंने कहा कि, आपको इसका एक उदाहरण देता हूं -कांग्रेस पार्टी ने न्याय योजना के बारे में बात की. शायद यह सबसे बड़ा चुनावी वादा था, लेकिन लोगों ने ऐसे खोखले वादों को दरकिनार कर दिया. उन्हें कांग्रेस में ऐसे वादे को निभाने की ईमानदारी और क्षमता नहीं नजर आई. इसलिए कोई आश्चर्य नहीं कि जिन लोगों ने 72,000 रुपये का वादा किया था, वे 72 सीटें भी नहीं जीत पाए.

 

 

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