राजनीति

आडवाणी ने ऐसा क्या लिख दिया, कि पीएम मोदी को फौरन जवाब देना पड़ा ?

6 अप्रैल को बीजेपी का स्थापना दिवस है, पार्टी के इस खास दिन से सिर्फ 2 दिन पहले, गुरुवार को पार्टी के संस्थापक सदस्य और बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने एक ब्‍लॉग लिखा. उनके इस ब्लॉग का शीर्षक है- – ‘देश सबसे पहले, उसके बाद पार्टी और अंत में मैं. इस ब्‍लॉग में आडवाणी ने खुद का टिकट काटे जाने पर तो कुछ नहीं कहा, लेकिन इशारों-इशारों में ऐसी कई अहम बातें गए, जिनसे लगता है कि वह पार्टी की नीति से खुश नहीं हैं.

इस ब्लॉग में उन्होंने लिखा, देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मुद्दे को लेकर लालकृष्ण आडवाणी ने ब्लॉग में लिखा, ‘भारतीय लोकतंत्र का सार विविधता का सम्मान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है. अपनी स्थापना के समय से, भाजपा ने कभी भी उन लोगों को अपना दुश्मन नहीं माना है जो राजनीतिक रूप से हमसे असहमत रहे. उन्हें केवल विरोधी माना गया. इसी तरह भारतीय राष्ट्रवाद की हमारी अवधारणा में राजनीतिक रूप से असहमत लोगों को हमनें राष्ट्र विरोधी नहीं माना. पार्टी व्यक्तिगत और राजनीतिक स्तर पर प्रत्येक नागरिक की पसंद की स्वतंत्रता के लिए प्रतिबद्ध है.

आडवाणी की ये बातें बेहद चौंकाने वाली हैं. शायद यही वजह है कि उनके ब्लॉग पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से त्वरित प्रतिक्रिया भी आ गई.

पीएम ने कहा, ‘आडवाणी जी ने भाजपा के मूलतत्व को सच्चे रूप में प्रस्तुत किया है. सबसे गौर करने योग्य वह मंत्र, जिससे भाजपा चलती है, नेशन फर्स्ट, पार्टी नेक्स्ट, सेल्फ लास्ट.’ उन्होंने कहा, ‘भाजपा का कार्यकर्ता होने पर मुझे गर्व है. और इस बात का गर्व है कि लालकृष्ण आडवाणी जी जैसे महान व्यक्तित्व ने इसे मजबूती प्रदान की.’

Back to top button