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PM मोदी ने छात्रों को किया संबोधित, बोले-एक दिन भूटान के वैज्ञानिक भी सैटेलाइट बनाएंगे

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दो दिवसीय भूटान दौरे के दौरान रविवार को यहां रॉयल यूनिवर्सिट में छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि भूटान के युवा वैज्ञानिक छोटे उपग्रह को डिजाइन करने और लॉन्च करने के लिए भारत की यात्रा करेंगे। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि किसी दिन जल्द ही इनमें से कई वैज्ञानिक, इंजीनियर और निवेशक होंगे।

मोदी ने कहा कि भूटान के वैज्ञानिक भी सेटेलाइट बनाएंगे। उन्होंने कहा कि दक्षिण एशियाई उपग्रह के थिंपू ग्राउंड स्टेशन के उद्घाटन से अंतरिक्ष सहयोग का विस्तार हुअ है। उपग्रहों के जरिए टेली मेडिसिन का लाभ, दूरस्थ शिक्षा, मानचित्रण, मौसम पूर्वानुमान, प्राकृतिक आपदाओं की चेतावनी आदि सुनिश्चित होगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज तमाम सेक्टर में ऐतिहासिक परिवर्तनों का गवाह बन रहा है। पिछले पांच साल में बुनियादी ढांचे के निर्माण की रफ्तार दोगुनी हो गई है।। गरीबी उन्मूलन के लिए भारत में तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि भारत और भूटान की साझा संस्कृति है। अब अवसरों की कमी नहीं है। भारत और भूटान के लोगों में जबर्दस्त जुड़ाव है।

उन्होंने ने यूनिवर्सिटी के छात्रों से कहा कि वे परीक्षा को लेकर कतई तनाव न लें। साथ ही मोदी ने अपनी लिखी पुस्तक एग्जाम वॉरियर्स की भी चर्चा की। कहा कि यह पुस्तक बुद्ध की शिक्षा से प्रेरित होकर उन्होंने लिखी थी।

इससे पहले भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग और मोदी ने शनिवार को संयुक्त बयान जारी किया था। तब प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में भूटान आना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भूटान उनका पड़ोसी है, यह उनका सौभाग्य है। दोनों देश मिलकर आगे बढ़ रहे हैं।

इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों को अधिक मजबूत करने के लिए शनिवार को नौ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इनमें से एक समझौते के तहत इसरो थिम्पू में अर्थ स्टेशन बनाएगा। इसके अलावा दोनों देशों के बीच एक बिजली खरीद समझौता भी हुआ। अन्य समझौते के तहत विमान हादसे और दुर्घटना की जांच, न्यायिक शिक्षा, अकादमिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान, विधिक शिक्षा और शोध के क्षेत्र में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

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