जरा हट के

इन 3 लोगों को दुनिया का कोई भी देश नहीं मानता अपना नागरिक, वजह हैरान कर देने वाली

किसी भी देश की नागरिकता पाने के लिए जरूरी होता है कि आप वहां के नियम कायदे कानूनों के साथ चले। यदि आपने वही जन्म लिया है तो आपको वहां की नागरिकता आसानी से मिल जाएगी और यदि आप वहां के अनुसार 5 साल या उससे ऊपर जो भी वहां के संविधान द्वारा निर्धारित किया गया है वहां के निवासी है तो आपको किसी देश की नागरिकता पाने में आसानी होती हैं। लेकिन उन लोगों का क्या जिन्हें किसी भी देश की नागरिकता प्राप्त नहीं है। जी हम उस दर्द को केवल वह व्यक्ति समझ सकता है जिसे कभी किसी देश की नागरिकता ना मिली हो।

किसी देश की नागरिकता पाना बहुत जरूरी होता है क्योंकि हम यदि उस देश के नागरिक हैं और वहां की नागरिकता हमें मिल चुकी है तो हम वहां के संविधान के अनुसार अपनी मांग रख सकते हैं और अपने अधिकार पा सकते हैं और यदि हमारे पास नागरिकता नहीं है तो हम इन में से कुछ भी नहीं कर सकते हैं। आज हम आपको ऐसे ही 3 व्यक्तियों के बारे में बताने जा रहे हैं जो किसी भी देश के नागरिक नहीं है उन्हें किसी भी देश की नागरिकता प्राप्त नहीं है। तो आइए जानते हैं कौन हैं वह लोग और क्यों उनके साथ ऐसा हुआ.

महा मामो

महा माहो को किसी देश की नागरिकता पाने के लिए बहुत जद्दोजहद भरी जिंदगी जीनी पड़ रही है। आप सोच रहे होंगे कि ऐसा क्यों तो बता दें कि महा के पिता सीरिया से थे और उसकी मां लेबनान की नागरिक थी। महा महावीर जन्म तो लेना मिल गया लेकिन उनके पिता श्री ने की थी इसलिए ना तो लेबनान वालों ने उन्हें अपनी नागरिकता दी और ना ही सीरिया के लोगों ने क्यों की सीरिया की सरकार एक मुस्लिम और हिंदू के बीच रिश्ते को मान्यता नहीं देती है इसलिए महामाहो को दोनों देश में से किसी ने भी अपनाने से इंकार कर दिया है।

सेज चुंग च्‍युंग

इनके साथ भी कुछ ऐसा ही है। सेज चुंग च्‍युंग के पिता हांगकांग के हैं और मां बेल्जियम की रहने वाली हैं।वह बेल्जियम में पैदा हुआ था और वही की नागरिकता का इस्तेमाल कर रहा था लेकिन बेल्जियम का कानून ही कुछ अलग है। वहां के कानून के अनुसार किसी भी व्यक्ति को वहां की नागरिकता पाने के लिए देश के बाहर पैदा हो उसे 18 से 28 साल की उम्र तक देश में रहना होगा या फिर 28 साल की उम्र से पहले देश लौटना होगा तभी उसे देश की नागरिकता मिलेगी। लेकिन उसमें से ऐसा कुछ भी वह नहीं कर पाया है। इसलिए उसे किसी भी देश की नागरिकता नहीं मिल पाई है।

इउन जू

यह तीसरा इंसान भी कुछ ऐसी स्थिति में है जो नागरिकता के लिए आज भी संघर्ष कर रहा है।इउन जू को नॉर्थ कोरिया और चीन मुझे किसी देश की नागरिकता प्राप्त हो सकती थी पर ऐसा नहीं हो पाया। उसकी नानी और मां चीन भागने से पहले कोरियन नागरिक थी लेकिन चीन में उसकी मां ने एक कोरियन से शादी कर ली जिसके बाद से वह चीन में रहने लगी। लेकिन कुछ समय बाद उसके पिता वहां से साउथ कोरिया भाग गए और उसके पिता की एक्सीडेंट में मृत्यु हो गई जिसके बाद जु की मां गायक हो गई। फिर इउन जू को किसी भी देश की नागरिकता नहीं मिल पाई। साउथ कोरिया के कानून के अनुसार यदि साउथ कोरिया में किसी बच्चे के रिश्तेदार ग्रैंडपेरेंट्स के रूप में वहां पर मौजूद है तब भी उसे वहां की नागरिकता नहीं दी जाएगी। आज तक जु अपनी नागरिकता के लिए संघर्ष कर रहा है।

हम लोग इस बात के दर्द को नहीं समझ पाएंगे क्योंकि हम इस देश के नागरिक हैं और उसके अनुसार हमें वहां की सेवाएं और अपने अधिकार पाने का पूरा हक है। लेकिन उन लोगों का क्या जाने किसी भी देश की नागरिकता नहीं मिल पाई है और आज तक कोई भी नहीं है मैं अपनी नागरिकता नहीं दे रहा है। क्या कोई ऐसा भी देखा होगा जो इंग्लिश वहां की नागरिकता देने के लिए स्वीकार सके वहां आने की इजाजत दे सके इस पहलू पर सोचना जरूर चाहिए।

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