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शुरु हुआ 17वीं लोकसभा का पहला संसद सत्र, क्या मोदी कांग्रेस को देंगे नेता विपक्ष का पद?

सोमवार को 17वीं लोकसभा की शुरुआत हो गई है. ये नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का ये पहला सत्र है. इस सत्र में शामिल होने के लिए लगभग सभी सांसद संसद भवन पहुंचे हैं. इस दौरान संसद में केंद्रीय बजट पारित किया जाएगा. साथ ही तीन तलाक जैसे अन्य महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा हो सकती है. इसी सत्र में स्पीकर और डिप्टी स्पीकर का भी चुनाव किया जाएगा. इसके साथ ही एक और बड़ा सवाल भी सियासी गलियारों में घूम रहा है. वो ये कि क्या संख्याबल कम होने के बावजूद कांग्रेस को नेता विपक्ष के पद की सौगात पीएम देंगे.

सत्र शुरु होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब मीडिया को संबोधित किया तो उन्होंने इशारों-इशारों में विपक्ष को नसीहत दे दी. PM ने कहा कि विपक्ष नंबरगेम की चिंता छोड़े और लोक कल्याण के मुद्दों को उठाए. प्रधानमंत्री के इस बयान से अब कयास लगने लगे हैं कि क्या मोदी सरकार बड़ा दिल दिखाते हुए विपक्षी पार्टी कांग्रेस को लोकसभा में नेता विपक्ष का पद देगी?

बता दें कि पिछली लोकसभा में भी नेता विपक्ष का पद किसी पार्टी को नहीं मिल पाया था. और इस बार भी नंबर गेम यही बता रहा है. विपक्ष में कांग्रेस इस समय सबसे बड़ी पार्टी है और उसके पास कुल 52 सांसद हैं. जबकि नेता विपक्ष के पद के लिए सदन के 10 फीसदी संख्या जरूरी होती है, इस लिहाज से नेता विपक्ष के पद के लिए 55 सीटें जरूरी होती हैं.

हालांकि, चुनाव नतीजों के बाद कांग्रेस पार्टी की ओर से बयान दिया गया था कि उनके पास नेता विपक्ष की संख्या नहीं है, इसलिए वह इस पद की मांग भी नहीं करेंगे. लेकिन सियासी जानकारों का मानना है कि जो कांग्रेस के संसदीय दल का नेता होगा, वही विपक्ष का नेता भी होगा. दरअसल सत्ताधारी दल चाहेगा कि विपक्ष के नेता का पद कांग्रेस को ही मिले, क्योंकि इतने प्रचंड बहुमत के साथ बड़ा दिल दिखाना अच्छा संदेश भी देगा.

याद दिला दें कि 16वीं लोकसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस के नेता सदन थे जो कि विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी होने के कारण ‘नेता विपक्ष’ की भूमिका में ही रहते थे. हालांकि, मोदी सरकार ने आधिकारिक तौर पर उन्हें ये पद नहीं दिया था जिसके लिए वह पांच साल लड़ते भी रहे

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