फिर ‘पद्मावती’ रिलीज पर विवाद, भाजपा शासित सरकारों ने खींचे हाथ

संजय लीला भंसाली निर्देशित फिल्म पद्मावती पर उठा विवाद कम होने का नाम नहीं ले रहा है. वहीं इस पर सियासत भी लगातार जारी है. कई राज्यों में पद्मावती पर बैन लग चुका है. इसी क्रम में शुक्रवार को सेंसर बोर्ड की इजाजत के बाद भी भाजपा शासित चार राज्यों में फिल्म को बैन कर दिया गया है. गुजरात के सीएम रूपाणी ने ऐलान किया कि राज्य में पद्मावती को रिलीज नहीं किया जाएगा.मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने आज यहां एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों को यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सरकार ने नवंबर माह में तब पद्मावती नाम वाली इस फिल्म को सामाजिक सद्भाव बनाये रखने के लिए गुजरात में प्रदर्शित नहीं करने की अनुमति दी थी. इसके प्रदर्शन पर प्रतिबंध का यह आदेश आगे भी जारी रहेगा.

फिल्म रिलीज नहीं होगी भाजपा शासित राज्यों में

वहीं मध्य प्रदेश सरकार ने भी फिल्म को बैन करने की बात कही है. राजस्थान और हिमाचल के बाद गुजरात तीसरा और मध्य प्रदेश चौथा राज्य है, जहां फिल्म बैन हुई है. वहीं मुंबई में फिल्म की रिलीज को लेकर विरोध कर रहे 96 लोगों को गामदेवी पुलिस ने हिरासत में लिया है. ये लोग सेंसर बोर्ड के दफ्तर के सामने फिल्म की रिलीज रोकने को लेकर हंगामा कर रहे थे. फिल्म 25 जनवरी को रिलीज होगी.

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उधर, करणी सेना के लोकेंद्र सिंह कलवी ने कहा, ‘प्रधानमंत्री विशेष परिस्थिति के आधार पर पद्मावत का प्रदर्शन रोक सकते हैं. अभी तक सेंसर बोर्ड ने पद्मावती को क्लीयरेंस नहीं दी है.’उन्होंने कहा, ‘हम किसी भी हालत में पद्मावती के रिलीज की अनुमति नहीं दे सकते हैं. क्षत्रीय मुद्दों पर आधारित बाहुबली जैसी फिल्मों को लेकर हमारी कोई आपत्ति नहीं है. हम पद्मावती पर बनने वाली किसी भी फिल्म का स्वागत करते हैं. लेकिन ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ की शर्त पर नहीं.’

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हिमाचल में भी बैन हो सकती है फिल्म?

पद्मावती के प्रदर्शन पर रोक लगाने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए हिमाचल के सीएम जय राम ठाकुर ने कहा कि मैं इस मामले पर कुछ ज्यादा नहीं बोलना चाहता. हमें क्या करना है इस पर विचार चल रहा है. लेकिन हमारा मानना है कि यह फिल्म विवादास्पद है. मैं कला का कद्रदान हूं, लेकिन साथ ही हमें यह भी देखना होगा कि कला व कलाकार कहीं जनभावनाओं को आहत तो नहीं कर रहे हैं. इस पर विचार मंथन होना चाहिए.