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ये है कांग्रेसी नेता के कॉलेज का गर्ल्स हॉस्टल, जो खेती लहलहा रही है वो ‘अफीम’ है

opium being cultivated at girl hostel of National college Bhikhi

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को अपनी पार्टी की ओर से घोषित न्यूनतम आय योजना को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी सरकार आने पर देश के 5 करोड़ सबसे गरीब परिवारों के लिए मासिक 12 हजार रुपये आय सुनिश्चित की जाएगी।

पार्टी मुख्यालय में प्रेसवार्ता कर राहुल गांधी ने न्यूनतम आय गारंटी योजना का वादा करते हुए यह ऐलान किया है कि सत्ता में आने पर कांग्रेस देश के पांच प्रतिशत सबसे गरीब परिवारों को सालाना 72 हजार रूपए तक देगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस न्यूनतम 12 हजार रुपए आय सुनिश्चित करने के लिए जितनी आय कम रह जाएगी उसकी पूर्ति करेगी। उन्होंने कहा कि पांच साल तक मोदी सरकार में गरीब दुखी रहे, अब हम उन्हें न्याय देंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मनरेगा का वादा किया था उसे पूरा किया और अब वह आय गारंटी देकर दिखा देंगे।

इस बीच आपको बताते चले एक बड़ी खबर ने लोगो को हैरानी में डाल दिया है. बता दे पंजाब के मानसा जिले में स्थित नेशनल कॉलेज उस वक्त विवादों में आ गया, जब यहां एक गर्ल्स होस्टल से हरी पोस्त की पूरी 30 किलो की खेप बरामद की गई है। दरअसल किसी ने यहां अफीम की फसल खड़ी देखी तो पुलिस को सूचना दे दी। इसके बाद पुलिस ने न सिर्फ मौके पर पहुंचकर हरी पोस्त बरामद की है, बल्कि कॉलेज के प्रिंसिपल के खिलाफ केस भी दर्ज कर लिया है। इससे भी बड़ी बात यह है कि यह कॉलेज कांग्रेस नेता की प्रधानगी वाले प्रबंधन द्वारा संचालित है। एक तरफ नशे को लेकर पंजाब का पहले से ही बदनाम होना और ऊपर से चुनाव का शेड्यूल लग चुका है। ऐसे में भले ही संबंधित कांग्रेस नेता इसे साजिश करार दे रहे हैं, लेकिन मसला बेहद गर्म हो चुका है।

गुप्त सूचना पर की पुलिस ने रेड, अब आ रहे हैं कुछ ऐसे बयान

भीखी पुलिस के इंचार्ज अमनदीप सिंह ने कहा कि पुलिस पार्टी द्वारा भीखी स्थित नेशनल कॉलेज के गर्ल्स होस्टल में रेड की गई तो वहां पोस्त बीजी हुई पाई गई। इसके बाद हरी पोस्त की पूरी 30 किलो की खेप बरामद करते हुए काॅलेज प्रिंसिपल सतिन्दरपाल सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।  काॅलेज प्रिंसिपल सतिन्दरपाल सिंह की मानें तो कोई रहता न होने के कारण काॅलेज के होस्टल का एरिया सून पड़ा रहता है। ऐसे में उन्हें होस्टल में हरा पोस्त बीजे होने के बारे में कोई भी जानकारी नहीं है। दूसरी ओर काॅलेज कमेटी के प्रधान हरबंस दास बावा ने कहा कि किसी साजिश के तहत काॅलेज को बदनाम किया जा रहा है। ऐसी कोई बात नहीं है।

लंबे वक्त से चली आ रही है अफीम की खेती को मंजूरी दिलाने की मांग

पंजाब में अफीम की खेती को मंजूरी दिलाने की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष चल रहा है। दरअसल अफीम की खेती की ओर लोग सबसे ज्यादा आकर्षित होते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह है बहुत कम लागत में छप्पर फाड़ कमाई। देश में अफीम की खेती गैरकानूनी है, लेकिन अगर इसे नारकोटिक्स विभाग से स्वीकृति लेकर किया जाए तो फिर आपको कोई डर नहीं। इसी मद्देनजर पंजाब में अफीम की खेती की मांग जोर पकड़ने लगी है। जब यह मांग उठने लगी तो तत्कालीन पंजाब पुलिस के महानिदेशक सुरेश अरोड़ा ने कहा था कि इस मुद्दे पर कानूनी राय ली जा रही है। राज्य में नशे की समस्या से निपटने के लिए इसके लिए गठित विशेष टास्क फोर्स से तालमेल बनाकर अंकुश लगाया जा रहा है।

कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा था, ‘मेरे चाचा खाते थे अफीम’

आम आदमी पार्टी से बागी हो चुके पटियाला के सांसद धर्मवीर गांधी ने मांग की थी कि राज्य में अफीम की खेती और उससे बनने वाले सामान को लीगल कर देना चाहिए। सांसद ने सितंबर 2018 में मुक्तसर की अनाज मंडी में आयोजित परिवर्तन रैली में स्टेज से खसखस के बीज जमीन पर फेंके थे। इसके बाद अक्टूबर में लुधियाना में छपार के मेले में भी स्टेज से गांधी ने खसखस के बीज जमीन पर फेंककर अपनी मांग को रखा था।दिलचस्प बात ये है कि डेढ़ साल पहले आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दोनों ने पंजाब विधानसभा का पूरा चुनाव ही ड्रग्स के मुद्दे पर लड़ा था। इसी का नतीजा था कि अकाली दल को सत्ता से बेदखल होना पड़ा। अब सत्ता में आते ही अफीम की खेती को लीगन करने की मांग उठने लगी है। पंजाब सरकार में कैप्टन के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब में अफीम को लीगल बनाने की मांग की है।सिद्धू ने तो यहां तक कह डाला था कि मेरे चाचा भी अफीम खाते थे, उन्होंने इसका इस्तेमाल दवाई की तरह किया और उन्होंने लंबी जिंदगी भी जी। अफीम हेरोइन से काफी ज्यादा बेहतर है।

अभी कहां-कहां है अफीम की खेती को अनुमति

मौजूदा समय में भारत में अफीम की खेती उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और राजस्थान में की जाती है। राजस्थान के झालावाड़, बारां, चित्तौडगढ, प्रतापगढ़, भीलवाड़ा क्षेत्र में अफीम की खेती होती है. मध्यप्रदेश के नीमच, मंदसौर, रतलाम और उत्तरप्रदेश फैजाबाद, बाराबंकी, बरेली, बदायूं क्षेत्र में अफीम की खेती की जाती है।

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