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भ्रष्ट और कामचोर कर्मियों पर चलेगा मोदी का डंडा, ये है पीएम का SPARROW प्लान

मोदी सरकार भ्रष्टाचार को लेकर हमेशा से ही सख्त रही है, जिसके चलते पीएम मोदी की सदस्यता वाली टीम ने कई विभागों में भ्रष्टाचारी कर्मचारियों को बाहर का रास्ता भी दिखाया है। इसी तर्ज पर मोदी सरकार अब सरकारी कर्मचारियों के परफॉरमेंस पर नजर रखने के लिए ‘स्पैरो’ लागू कर रही है।

ऑनलाइन मूल्यांकन का जरिया बनेगा स्पैरो

मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के अप्रेजल के लिए अब स्मार्ट परफॉरमेंस अप्रेजल रिपोर्ट रिकार्डिंग ऑनलाइन विंडो यानी स्पौरो को लागू कर दिया है। आपको बता दें कि स्पैरो एक ऐसा साफ्टवेयर है जहां पर कर्मचारियों के अप्रेजल का मूल्यांकन ऑनलाइन किया जाता है। ये एक ऑनलाइन परफार्मेंस असेस्मेंट सिस्टम है, जिसके जरिए कर्मचारियों की परफार्मेंस को ट्रैक किया जाता है।

इन विभागों से हो रही है शुरुआत

डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग ने इसे सेंट्रल सेक्रेटेरियट सर्विसेज, सेंट्रल सेक्रेटेरियट स्टेनोग्राफर्स सर्विसेज और सेंट्रल सेक्रेटेरियट क्लेरिकल सर्विसेज के लिए लागू किया है। इन सभी विभागों से कहा गया है कि 10 नवंबर तक अपने कर्मचारियों का अप्रेजल ‘स्पैरो’ के तहत ऑनलाइन भर दें।

भ्रष्ट और कामचोर कर्मचारियों पर लगेगी लगाम

इस सॉफ्टवेयर को नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर ने बनाया है, जिसके जरिए भ्रष्ट और कामचोर कर्मचारियों पर लगाम लगाने की कोशिश की जा रही है। ‘स्पैरो’ की खास बात ये है कि इसमें किसी भी कर्मचारी या अफसर की जानकारी एक ही प्लेटफार्म पर एक ही क्लिक में मिल जाती है। साथ ही इसका फायदा ये भी है कि कर्मचारियों के प्रमोशन का काम अब पहले से ज्यादा पारदर्शी होता है।

आमतौर पर सराकारी दफ्तरों में अक्सर कर्मचारियों की लेट-लतीफी से आम जनता को कई तरह की परेशानियां उठानी पड़ती हैं, साथ ही सराकारी कर्मचारियों के भ्रष्टाचार की शिकायतें भी समय-समय पर आया करती हैं। अब ‘स्पैरो’ को लागू करने से इन तमाम दिक्कतों पर लगाम लगाना आसान होगा।

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