Nirjala Ekadashi : 24 एकादशी के बराबर फल देता है एक दिन का ये व्रत, खुल जाती है किस्मत

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नई दिल्ली। गंगा दशहरा के बाद पड़ने वाली एकादशी को निर्जला एकादशी कहते हैं। ये साल में कुल 24 एकादशियों में से सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है। इस बार यह पर्व 2 जून यानि मंगलवार को है। मान्यता है कि जो लोग पूरे वर्ष व्रत नहीं रख सकते हैं, वो आज के दिन बिना भोजन और पानी पिए व्रत रखकर सालभर की एकादशियों के व्रत के बराबर पुण्य हासिल कर सकते हैं।

1.महाभारत के अनुसार महर्षि वेद व्यास ने भीम को निर्जला एकादशी व्रत का महत्व बताया था। इस एकादशी को भीम सैनी एकादशी भी कहा जाता है। माना जाता है कि इस व्रत का प्रभाव साल में पड़ने वाली 24 एकादशियों के समान होता है। जो लोग हमेशा व्रत नहीं रख सकते हैं, वे आज के दिन पूजन से पुण्य कमा सकते हैं।

2.निर्जला एकादशी के दिन किसी पवित्र नदी में डुबकी लगाने का भी विशेष महत्व है। कहते है कि इससे व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं।

3.पुराणों के अनुसार निर्जला एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इससे उसकी किस्मत भी चमकती है।

4.जिन लोगों के विवाह में अड़चनें आ रही हैं या गृहस्थ जीवन में अशांति का महौल है उन्हें निर्जला एकादशी का व्रत रखना चाहिए। इससे विष्णु भगवान की कृपा से संबंध मधुर बनेंगे।

5.अगर आपके पास चाहकर भी धन नहीं टिकता है तो आज निर्जला एकादशी का व्रत रखें। इससे आपकी आय में बढ़ोत्तरी होगी। साथ ही धन-धान्य की भी वृद्धि होगी।

6.जो लोग संतान प्राप्ति की कामना करते हैं उन्हें निर्जला एकादशी का व्रत रखना चाहिए। इस दिन उन्हें गरीबों को पीला भोजन बांटना चाहिए। इससे विष्णु जी प्रसन्न होते हैं।

7.निर्जला एकादशी का व्रत सभी कष्टों को दूर करने वाला भी होता है। क्योंकि इस दिन भक्त पूरे दिन भूखे-प्यासे रहकर व्रत रखते हैं, इसलिए भगवान उनके सभी दुख दूर करते हैं।

8.ये व्रत शत्रुओं से भी बचाता है। अगर आज के दिन हल्दी की गांठ की माला विष्णु जी को छुआकर धारण की जाए तो आपकी रक्षा होगी।